वाराणसी: पीएम मोदी करेंगे अस्थायी कोविड अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन
जिला प्रशासन जुटा तैयारियों में, अगले सप्ताह शुरू हो सकता है कोविड अस्पताल
डीआरडीओ की मेहनत के बाद तैयार हो चुका है अस्पताल
विस्तार
वाराणसी के बीएचयू में बनकर तैयार अस्थायी कोविड अस्पताल का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे। 10 मई के बाद वर्चुअल समारोह में प्रधानमंत्री के उद्घाटन के बाद 750 बेड का अस्पताल मरीजों के लिए खोल दिया जाएगा।राजधानी लखनऊ के बाद वाराणसी को भी जल्द ही अस्थायी कोविड अस्पताल की सौगात मिल जाएगी।
बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान पर डीआरडीओ की कड़ी मेहनत से अस्थायी कोविड अस्पताल तैयार हो चुका है। शनिवार को इस अस्पताल में ड्राई रन की प्रक्रिया शुरू होगी जो 48 घंटों तक चलेगी। इस दौरान सभी उपकरणों की जांच की जाएगी। सभी उपकरणों की जांच के बाद अस्पताल में मरीजों की भर्ती की शुरू होगी।
संभावना है कि अगले सप्ताह से इसमें मरीजों को भर्ती किया जाएगा। डीआरडीओ ने युद्ध स्तर पर काम करके इस हाईटेक कोविड अस्पताल को 16 दिनों में तैयार किया है। 750 बेड वाला यह अस्थायी कोविड अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। पीएम मोदी वर्चुअल माध्यम से इस अस्पताल को जनता को समर्पित करेंगे।
ढाई सौ हैं आईसीयू बेड, पांच सौ बेड पर आक्सीजन
बीएचयू के एंफीथिएटर स्टेडियम में बने इस अस्पताल में 250 आईसीयू के बेड हैं। इसके अलावा 500 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। सेना के साथ ही बीएचयू के डॉक्टर इस अस्पताल में मरीजों का इलाज करेंगे। इसके साथ ही नर्स और टेक्नीशियन की तैनाती के लिए स्थानीय स्तर पर इंटरव्यू भी लिए गए हैं। जल्द ही इनकी नियुक्ति की प्रकिया भी पूरी हो जाएगी।
रेफरल केस और गंभीर मरीज होंगे भर्ती
अस्थायी कोविड अस्पताल के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि इस अस्पताल में अन्य अस्पतालों के रेफरल केस और गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। सीधे मरीजों को एडमिट नहीं किया जाएगा। अगर बेड खाली रहते हैं तो बाद में मरीजों को सीधे एडमिट भी किया जा सकता है। आसपास के जिलों से भी रेफर मरीज यहां एडमिट किए जाएंगे।
तीन जोन में बंटा है अस्पताल
जिलाधिकारी ने बताया कि तीन जोन में बनाए जा रहे 750 बेड के इस अस्पताल में 250 बेड का एक जोन होगा। इसमें वेंटिलेटर से लेकर सभी जीवनरक्षक इंतजाम होंगे। अन्य दो जोन में भी ऑक्सीजन के बेड हैं। उनपर भी एचएफ एनसी और बाईपेप का इंतजाम इमरजेंसी के लिए रहेगा और यह भी 50-50 की संख्या में मोबाइल के तौर पर रहेगी।