EO आत्महत्या: मणि मंजरी राय का चालक भेजा गया जेल, अब प्रशासन आगे करेगा ये बड़ी कार्रवाई
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बलिया जिले के मनियर की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी की आत्महत्या मामले में पुलिस ने ईओ के चालक को गुरुवार को जेल भेज दिया है। अब पुलिस ने नगर पंचायत कार्यालय के सभी कागजातों जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नगर पंचायत अध्यक्ष, बड़े बाबू, कंप्यूटर बाबू की गिरफ्तारी का प्रयास किया जाएगा। गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने अमर उजाला से बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज किया जा रहा है।
मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने छह जुलाई की रात में बलिया शहर के आवास विकास में स्थित आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था। सुसाइड नोट में लिखा था कि 'सॉरी भैया, सॉरी मम्मी पापा। दिल्ली बनारस हर जगह से खुद को संभालकर आ गई, लेकिन यहां आकर मेरे साथ बहुत छलावा हुआ। मुझे फंसाया गया, पूरी रणनीति के तहत। मुझे माफ कर दीजिए।'
मामले में बलिया शहर कोतवाली में भाई विजयानंद राय की तहरीर के आधार आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, सिकंदरपुर नगर पंचायत के मौजूदा अधिशासी अधिकारी संजय राव, मनियर नगर पंचायत के टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कम्प्यूटर ऑपरेटर अखिलेश, एक अन्य व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
फर्जी हस्ताक्षर कर शासन से मंगाया पैसा
मणि मंजरी के भाई विजयानन्द राय ने शिकायत में उल्लेख किया था कि उनकी बहन मणि मंजरी राय की अधिशासी अधिकारी के पद पर बलिया जिले में पहली नियुक्ति हुई। नगर पंचायत अध्यक्ष, कुछ कर्मचारी और ठेकेदार गलत तरीके से टेंडर व भुगतान करवाने के लिए दबाव बना रहे थे, जिसका वह विरोध कर रही थी।
इससे वे लोग उससे सख्त नाराज थे। इसी के चलते बहन ने जिलाधिकारी से मिलकर तीन महीने के लिए खुद को जिला मुख्यालय पर संबद्ध करा लिया था। नगर पंचायत मनियर में कार्यभार संभालने के बाद बिना उसकी जानकारी के चेयरमैन भीम गुप्ता, टैक्स लिपिक विनोद सिंह व कम्प्यूटर ऑपरेटर अखिलेश द्वारा बहन का फर्जी हस्ताक्षर कर शासन से पैसा मंगाया गया।
टेंडर में भी किया गया खेल
विजयानंद राय के अनुसार जब अपने फर्जी हस्ताक्षर से पैसा मंगाने की जानकारी बहन मणि मंजरी को हुई तो उसने विरोध किया। विजयानंद ने बताया कि नगर पंचायत चैयरमैन ने बहन से नगर पंचायत बोर्ड की स्वीकृति की प्रत्याशा में लगभग दो करोड़ रुपये का 35 कार्यों का टेंडर बीते फरवरी माह में आमंत्रित कराया था।
नगर पंचायत बोर्ड का प्रस्ताव न आने के कारण टेंडर नहीं कराया गया। इसके बाद अध्यक्ष ने बिना टेंडर कराए फर्जी तरीके से 35 कार्यों की पत्रावली बनाकर कार्य कराने का आदेश देने के लिए मणि मंजरी पर दबाव बनाना शुरू किया। मणि मंजरी ने इसकी शिकायत अपर जिलाधिकारी, बलिया से की। यही नहीं इन कार्यों की स्वीकृति के लिए मनियर नगर पंचायत के पूर्व अधिशासी अधिकारी संजय राव, जो वर्तमान समय में सिकंदरपुर में कार्यरत हैं भी दबाव बना रहे थे।
इसमें मणि मंजरी का ड्राइवर भी शामिल था। विजयानंद ने बताया कि जब भी वे बहन से मिलने आते थे तो वह बताती थी कि कुछ अज्ञात लोग भी फोन के माध्यम से गलत कार्य करने के लिए दबाव बना रहे थे। इन्हीं कारणों से ऐसी परिस्थितियां बन गई कि बहन अत्यधिक दबाव में आ गई तथा आत्महत्या करने पर विवश हो गई।
अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मनियर की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय के चालक चंदन वर्मा को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज किया जाएगा। मनियर नगर पंचायत कार्यालय के अभिलेख खंगाले जाएंगे।