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वाराणसी में हादसा: बंद रेलवे फाटक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, वृद्धा समेत दो घायल

Sat, 20 Nov 2021 05:04 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 20 Nov 2021 05:04 PM IST
सार

ओवरब्रिज बनने के बाद से ही आशापुर रेलवे फाटक को बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके लोग इसी रास्ते को इस्तमाल करते हैं। शनिवार को तीन लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। 

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One killed two seriously injured while crossing railway track in Varanasi
मौके पर मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र स्थित आशापुर रेलवे क्रासिंग के पास शनिवार अपराह्न ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर फुलेश्वर प्रसाद (32 वर्ष) की मौत हो गई। वहीं महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। आसपास के लोगों के मुताबिक ट्रैक पार करते समय मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे कि अचानक ट्रेन आ गई।

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सारनाथ थाना अंतर्गत लेढू़पुर के रहने वाले फुलेश्वर प्रसाद और आशापुर की रहने वाली सावित्री देवी (70 वर्ष) अपनी बेटी बबिता के साथ और रोहित चौहान (28 वर्ष) अपराह्न के समय आशापुर बजार से खरीददारी करके घर लौट रहे थे।
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घटनास्थल पर ही युवक की मौत
तीन बजे आशापुर रेलवे क्रासिंग को पार कर रह थे कि अचानक सिटी स्टेशन की ओर से सारनाथ स्टेशन जा रही ट्रेन की जद में आ गए। घटनास्थल पर ही फुलेश्वर को सीने पर झटका लगनेे और पैर कटने से मौत हो गई। वहीं, बुर्जुग सावित्री देवी झटका लगते ही अपनी बेटी बबिता के साथ ट्रैक के पास गिर गई। रोहित चौहान भी घायल हो गया।

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ट्रेन से हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आशापुर पुलिस चौकी को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सारनाथ थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने सिपाहियों के साथ सभी घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत बिगड़ने पर सावित्री और रोहित चौहान को चिकित्सकों ने बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहीं फुलेश्वर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजवाया।

सावित्री देवी नाटी इमली स्थित अपनी बेटी सीमा के ससुराल गई थी। दोपहर में अपनी बड़ी बेटी बबिता के साथ आशापुर स्थित घर लौट रहीं थी। आशापुर चौराहे पर ऑटो से उतरकर रेलवे ट्रैक पार करते समय चपेट में आ गई। बेटी बबिता के अनुसार ट्रेन के धक्के से मां मेरी गोद में आकर गिर गई। पुलिस ने रोहित चौहान की पहचान पुलिस ने उसके जेब से मिले एटीएम कार्ड से की।
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फाटक बंद होने के बाद भी जान जोखिम में डालते हैं लोग

आशापुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनने के बाद से ही रेलवे प्रशासन द्वारा स्थायी रूप से लोहे का गाटर लगाकर रेलवे क्रासिंग को बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके क्षेत्रीय लोग लोहे के गाटर और फाटक से आर-पार करते हैं। आनेजाने वालों में पैदल और साइकिल सवार दोनों है। हादसे के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी।
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