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Varanasi News : प्रतिदिन दो गाड़ी चप्पल और जूते हटवा रहा नगर निगम, तीन शिफ्ट में लगे कर्मचारी
Wed, 26 Feb 2025 01:29 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:29 AM IST
सार
काशी के मंदिरों के आसपास जूते-चप्पलों के ढेर को नगर निगम हटवा रहा है। हालत यह है कि प्रतिदिन दो गाड़ी चप्पल करसड़ा भिजवाए जा रहे हैं। निगम कर्मी तीन शिफ्टाें में काम कर रहे हैं।
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काशी में एक मंदिर के बाहर बिखरे जूते-चप्पल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Nagar Nigam Varanasi : श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, कालभैरव मंदिर के आसपास से प्रतिदिन दो गाड़ी चप्पल और जूते नगर निगम हटवा रहा है। रात में 12 से 2 बजे के बीच होने वाली सफाई के दौरान इन जूते और चप्पलों को नगर निगम कूड़ा गाड़ियों से हटवाकर करसड़ा भिजवा रहा है।
दरअसल महाकुंभ के चलते काशी आने वाली भीड़ में ज्यादातर श्रद्धालु जूते और चप्पल मंदिर के बाहर सड़क और गलियों में उतार देते हैं। दर्शन पूजन के बाद कुछ लोगों के चप्पल जूते बदल जाते हैं। इस दौरान दूसरे के जूते और चप्पल पहनकर चले जाते हैं। कई श्रद्धालु बगैर जूते और चप्पल के चले जाते हैं।
यही नहीं कुछ ऐसे भी श्रद्धालु हैं। जिन्हें जगह की जानकारी नहीं होने के कारण बगैर जूते और चप्पलों के चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में विश्वनाथ मंदिर और कालभैरव मंदिर के आसपास की गलियों में जूते और चप्पलों की भरमार होती है। जिसे सफाई के दौरान हटवाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है।
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साफ-सफाई के लिए तीन शिफ्ट में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि दो गाड़ी प्रतिदिन जूते और चप्पलों को हटवाया जा रहा है। मंदिर के तीन किमी दायरे में सफाई के लिए जगह नहीं मिलने पर रात में सफाई कराई जा रही है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं।
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दरअसल महाकुंभ के चलते काशी आने वाली भीड़ में ज्यादातर श्रद्धालु जूते और चप्पल मंदिर के बाहर सड़क और गलियों में उतार देते हैं। दर्शन पूजन के बाद कुछ लोगों के चप्पल जूते बदल जाते हैं। इस दौरान दूसरे के जूते और चप्पल पहनकर चले जाते हैं। कई श्रद्धालु बगैर जूते और चप्पल के चले जाते हैं।
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यही नहीं कुछ ऐसे भी श्रद्धालु हैं। जिन्हें जगह की जानकारी नहीं होने के कारण बगैर जूते और चप्पलों के चले जाते हैं। ऐसी स्थिति में विश्वनाथ मंदिर और कालभैरव मंदिर के आसपास की गलियों में जूते और चप्पलों की भरमार होती है। जिसे सफाई के दौरान हटवाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी गई है।
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साफ-सफाई के लिए तीन शिफ्ट में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि दो गाड़ी प्रतिदिन जूते और चप्पलों को हटवाया जा रहा है। मंदिर के तीन किमी दायरे में सफाई के लिए जगह नहीं मिलने पर रात में सफाई कराई जा रही है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं।