फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   # Lockdown: Now the newborn's account will be opened in the grain bank running to help the needy

# Lockdown: जरूरमंदों की मदद के लिए चल रहे अनाज बैंक में अब नवजात का भी खुलेगा खाता

Tue, 31 Mar 2020 09:31 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Tue, 31 Mar 2020 09:31 PM IST
विज्ञापन
# Lockdown: Now the newborn's account will be opened in the grain bank running to help the needy
नवजात को जारी पास बुक की फोटो कॉपी - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी में गरीबों, जरूरतमंदों को भोजन कराने के लिए अनाज बैंक में अब नवजात शिशुओं का भी खाता खोला जाएगा। एक साल की निधि का खाता खोलकर बाल खाताधारकों को जोड़ने की शुरुआत मंगलवार को हुई। वहीं अनाज बैंक की ओर से भूख पीड़ितों के लिए पासबुक भी जारी किया जा रहा है। इस पासबुक से उन्हें रोजाना भोजन की गारंटी रहेगी। 

विज्ञापन


विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित अनाज बैंक में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार की वयस्क महिलाओं के नाम से निकासी खाता खोलकर अनाज दिया जाता था, लेकिन लॉकडाउन के दौरान कमच्छा पर रहने वाला महेंदर मोची की एक साल की बच्ची निधि को जब दो दिन से दूध नहीं मिलने की सूचना अनाज बैंक को मिली तो उन्होंने दूध उपलब्ध कराया।
विज्ञापन


जब यह जानकारी अनाज बैंक के संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार को पता चली तो उन्होंने अनाज बैंक निदेशक मंडल को तत्काल बच्चों का भी खाता खोलने का निर्देश दिया। अनाज बैंक के संस्थापक चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने फैसला लिया कि अब अनाज बैंक में 0 से 2 वर्ष के बच्चों का उन्हीं के नाम से खाता खोला जायेगा और पहला खाता महेंदर मोची की एक साल की बच्ची निधि के नाम से खोलकर उसको पासबुक दे दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

# Lockdown: Now the newborn's account will be opened in the grain bank running to help the needy
अनाज बैंक का खाताधारक बच्चा - फोटो : अमर उजाला

बच्चों के लिए जारी होगा निधि पासबुक

एक साल की निधि ने अनाज बैंक को अपना फैसला बदलने को मजबूर कर दिया। इसलिये बच्चों के लिये जारी होने वाला पासबुक अब निधि पासबुक के नाम से जाना जाएगा और निधि बच्चों को भूख से मुक्ति दिलाने की अनाज बैंक की मुहिम की ब्रांड अंबेसडर बनाई गई है। इसके अलावा 100 बच्चों को भी चिह्नित किया गया है, जिनके नाम से खाता खोलकर अनाज बैंक द्वारा दाल का पानी और दूध उपलब्ध कराया जाएगा।

अनाज बैंक की प्रबंध निदेशक अर्चना भारतवंशी ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन को देखते हुये 200 भूख से पीड़ित परिवारों को चिह्नित कर अनाज बैंक का पासबुक जारी कर दिया गया है। अब इन्हें प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। अभी अनाज बैंक द्वारा जनता कफ्र्यू के समय से ही 500 पैकेट भोजन भूख पीड़ितों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी के शेल्टर होम को भी 100 पैकेट और चांदपुर के शिविर में 50 पैकेट भेजा जा रहा है। 

सहयोग के लिए कर सकते हैं फोन

अनाज बैंक में जो लोग भी अनाज का सहयोग करना चाहते हैं। वे हेल्पलाइन नंबर 9452496740, 9473745414 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा भोजन के लिए और किसी भी तरह की मदद के लिये फोन कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed