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Varanasi News: खतरे में 900 लाइनमैनों की जान, बगैर सुरक्षा किट करते हैं काम
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गाजीपुर। जिले में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी 900 लाइनमैनों के कंधे पर है। लेकिन, इन लाइनमैनों की जान हर वक्त खतरे में रहती है। बगैर सुरक्षा किट के बिजली पोल पर चढ़कर फाल्ट दुरुस्त करने वाले लाइनमैनों पर कब मौत झपट्टा मार दे, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
जनपद में कुल 71 बिजली उपकेंद्र हैं। इन बिजली उपकेंद्रों पर कुल 1200 आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती है। इनमें 300 सहायक एसएसओ और 900 लाइनमैन हैं। बिजली निगम की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में लाइनमैनों का अहम योगदान है। इसके बावजूद बिजली निगम इनकी सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बना हुआ है। इनको कोई सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई जाती है। जबकि लाइनमैन का काम जोखिम भरा होता है। वे बिजली के पोल पर चढ़कर फाल्ट और जर्जर तारों को दुरुस्त करते हैं। कई बार बिजली पोल पर चढ़ने के लिए लगाए जाने वाली सीढि़यां भी कमजोर होती हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद निगम बेपरवाह बना है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता एसके निर्भय ने बताया कि जिस कंपनी से बिजली निगम का अनुबंध है, उसी की ओर से लाइनमैनों को सुरक्षा किट दी जाती है। लाइनमैनों को सुरक्षा किट दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
ये है सुरक्षा किट
लाइनमैन को जो किट उपलब्ध कराई जाती है उसमें हाई फ्रिक्वेंसी वायरलेस, हाई वोल्टेज डिक्टेटर हेलमेट, हैंड ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट, फेस कवर, फायर प्रूफ जूते और कपड़े शामिल होते हैं। ये सभी चीजें प्रत्येक लाइनमैन को दी जानी होती है। लेकिन हकीकत में बगैर सुरक्षा किट के ही लाइनमैन काम करते हैं।लाइनमैन की खबर में
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वर्जन
लाइनमैनों को कोई सुरक्षा किट नहीं दी जाती है। इसके कारण हमेशा उनकी जान को खतरा बना रहता है। दो वर्षों में करंट की जद में आने से सात से आठ लाइनमैनों की जान जा चुकी है। लाइनमैनों को सुरक्षा किट मिलनी चाहिए, ताकि उनका जीवन सुरक्षित रहे। अरविंद कुशवाहा, जिलाध्यक्ष विद्युत मजदूर पंचायत
केस-1
लगभग दो महीने पहले नगर के अफीम फैक्ट्री के पास लाइनमैन राम जी बिजली के पोल पर चढ़कर मरम्मत का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करंट का झटका लगा। इससे वह नीचे गिर गए। गंभीर रूप से झुलसने के कारण मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह तक उनका उपचार चला।
केस-2
मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के कुंडेसर बिजली उपकेंद्र पर बगैर सुरक्षा उपकरण के बिजली मरम्मत का कार्य करते हुए एक वर्ष के अंदर दो लाइनमैनों शिवकुमार राय और मनोज प्रजापति की मौत हो चुकी है।
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जनपद में कुल 71 बिजली उपकेंद्र हैं। इन बिजली उपकेंद्रों पर कुल 1200 आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती है। इनमें 300 सहायक एसएसओ और 900 लाइनमैन हैं। बिजली निगम की व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में लाइनमैनों का अहम योगदान है। इसके बावजूद बिजली निगम इनकी सुरक्षा को लेकर बेपरवाह बना हुआ है। इनको कोई सुरक्षा किट मुहैया नहीं कराई जाती है। जबकि लाइनमैन का काम जोखिम भरा होता है। वे बिजली के पोल पर चढ़कर फाल्ट और जर्जर तारों को दुरुस्त करते हैं। कई बार बिजली पोल पर चढ़ने के लिए लगाए जाने वाली सीढि़यां भी कमजोर होती हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद निगम बेपरवाह बना है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता एसके निर्भय ने बताया कि जिस कंपनी से बिजली निगम का अनुबंध है, उसी की ओर से लाइनमैनों को सुरक्षा किट दी जाती है। लाइनमैनों को सुरक्षा किट दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
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ये है सुरक्षा किट
लाइनमैन को जो किट उपलब्ध कराई जाती है उसमें हाई फ्रिक्वेंसी वायरलेस, हाई वोल्टेज डिक्टेटर हेलमेट, हैंड ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट, फेस कवर, फायर प्रूफ जूते और कपड़े शामिल होते हैं। ये सभी चीजें प्रत्येक लाइनमैन को दी जानी होती है। लेकिन हकीकत में बगैर सुरक्षा किट के ही लाइनमैन काम करते हैं।लाइनमैन की खबर में
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वर्जन
लाइनमैनों को कोई सुरक्षा किट नहीं दी जाती है। इसके कारण हमेशा उनकी जान को खतरा बना रहता है। दो वर्षों में करंट की जद में आने से सात से आठ लाइनमैनों की जान जा चुकी है। लाइनमैनों को सुरक्षा किट मिलनी चाहिए, ताकि उनका जीवन सुरक्षित रहे। अरविंद कुशवाहा, जिलाध्यक्ष विद्युत मजदूर पंचायत
केस-1
लगभग दो महीने पहले नगर के अफीम फैक्ट्री के पास लाइनमैन राम जी बिजली के पोल पर चढ़कर मरम्मत का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करंट का झटका लगा। इससे वह नीचे गिर गए। गंभीर रूप से झुलसने के कारण मेडिकल कॉलेज में लगभग एक सप्ताह तक उनका उपचार चला।
केस-2
मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के कुंडेसर बिजली उपकेंद्र पर बगैर सुरक्षा उपकरण के बिजली मरम्मत का कार्य करते हुए एक वर्ष के अंदर दो लाइनमैनों शिवकुमार राय और मनोज प्रजापति की मौत हो चुकी है।