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संरक्षण का असर: इको फ्रेंडली हुई कैथी की गंगा, हर साल करीब 2% डॉल्फिन और 20% पर्यटकों की बढ़ रही संख्या

Fri, 03 Jul 2026 05:39 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 03 Jul 2026 05:39 PM IST
सार

Varanasi News: गंगा में कैथी से ढकवा गांव के बीच डॉल्फिन अटखेलियां करती हैं। डॉल्फिन को बेहतर संरक्षण और अनुकूल वातावरण भा रहा है। सुबह-शाम कैथी घाट से कई स्थानों पर डॉल्फिन देखने नाव से स्थानीय नागरिक और पर्यटक पहुंच रहे हैं। 

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Kathy stretch of Ganga eco-friendly dolphins and tourists increasing in Varanasi
गंगा में डॉल्फिन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा में इन दिनों डॉल्फिन की संख्या बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय कैथी से ढकवां गांव के बीच कई स्थानों पर डॉल्फिन को बार-बार सतह पर आने और पानी में अटखेलियां करते देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिक और पर्यटक नाव से इस नजारे को निहारने दिन भर पहुंच रहे हैं। कैथी के पास बेहतर संरक्षण और अनुकूल वातावरण मिलने से हर साल करीब 2% डॉल्फिनों की संख्या बढ़ रही है। साल 2016 के बाद से ही यह बढ़ोतरी लगातार देखी जा रही है।

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गंगा डॉल्फिन भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है। यह स्वच्छ और पर्याप्त ऑक्सीजन वाले पानी में ही अधिक सक्रिय रहती है। मौसम, जलस्तर और भोजन की उपलब्धता के अनुसार इसकी गतिविधियों में बदलाव आता रहता है। इसलिए कुछ समय में इनकी दृश्यता अधिक हो जाती है। कैथी में इस समय डॉल्फिन की संख्या 80 से अधिक है। 
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डॉल्फिन मित्र प्रीति कुमारी ने बताया कि साल 2000 के पहले गंगा में प्रदूषण कम था तो डॉल्फिन की संख्या बहुत ज्यादा थी। धीरे-धीरे गंगा के किनारे आबादी बढ़ी, स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी और नाव की संख्या बढ़ी तो डॉल्फिनों ने पलायन करना शुरू किया। मौजूदा समय में संरक्षण और बेहतर वातावरण व पर्याप्त भोजन के कारण डॉल्फिनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

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ढकवा के गंगा ज्ञान केंद्र में है डॉल्फिन सेल्फी पॉइंट
डॉल्फिन मित्र प्रिति कुमारी ने बताया कि कैथी से 5 किलोमीटर पहले ढकवा में गंगा ज्ञान केंद्र बनाया गया है। यहां डॉल्फिन से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियों का शिलापट्ट लगाया गया है। साथ ही सेल्फी पॉइंट भी है जहां पर्यटक सेल्फी ले सकते हैं। साथ ही गंगा पर लिखी कई प्रकार की किताबें भी रखी गई हैं जिसमें पर्यटकों के विभिन्न प्रकार की जानकारियां मिलती हैं।

अक्तूबर 2023 में सीएम ने घोषित किया राज्य जलीय जीव
तत्कालीन केंद्र सरकार ने 5 अक्तूबर 2009 को गंगा डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग को दी गई है। ऐसे ही अक्तूबर 2023 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा डॉल्फिन को राज्य जलीय जीव घोषित किया है।

कंपन के डर से भी शांति की ओर बढ़ीं
डॉल्फिन सांस लेने के लिए सतह पर आती हैं। ध्वनि तरंगों (इकोलोकेशन) का उपयोग करती हैं। गंगा में चलने वाली मोटर से तरंगों में कंपन होता है। इससे ये डर जाती हैं। इस कारण भी डॉल्फिन शांति की ओर बढ़ी हैं। यही कारण है कि डॉल्फिन अब शहर से दूरी बना कर कैथी में अपना ठिकाना बना ली हैं।

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