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GI टैग से मिली संजीवनी: सैलानियों की पहली पसंद बना विश्वनाथ धाम मॉडल, महीने भर में हुई 3.15 करोड़ की बिक्री
Mon, 18 Mar 2024 11:20 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:20 AM IST
सार
Kashi Vishwanath Temple Model : काशी आने वाले पर्यटकों में विश्वनाथ धाम के मॉडल का क्रेज काफी बढ़ा है। यही वजह है कि सिर्फ फरवरी में करीब 3.15 करोड़ रुपये के काशी विश्वनाथ धाम के मॉडल की बिक्री हुई है। जीआई टैग से लकड़ी के खिलौना उद्योग का कारोबार काफी बढ़ा है।
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Kashi Vishwanath Dham Model
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद लकड़ी पर उकेरा गया श्रीकाशी विश्वनाथ धाम मॉडल सैलानियों की पहली पसंद बन गया है। सिर्फ फरवरी में करीब 3.15 करोड़ रुपये के काशी विश्वनाथ धाम के मॉडल की बिक्री हुई है। कॉरपोरेट इंडस्ट्री में उपहार के रूप में देने के लिए यह मॉडल मांग में है।
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काशी में लकड़ी के खिलौना उद्योग में सालाना 36 से 40 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। साल 2017 से पहले यह बमुश्किल 22 करोड़ तक पहुंच पाता था। लकड़ी के खिलौना उद्योग के कारोबारी उदय राज कुंदेर ने बताया कि पिछले एक साल में काम छोड़ चुके करीब छह हजार से अधिक कारीगर वापस जुड़े हैं। 2015 में इन उत्पादों को जीआई टैग मिलने से उद्योग को संजीवनी मिली है।
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काशी विश्वनाथ के मॉडल के अलावा लकड़ी के भगवान हनुमान, भगवान राम की अलग-अलग भाव भंगिमा वाली मूर्तियां, बच्चों के खिलौने और सजावटी सामान भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
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खिलौना उद्योग का गढ़ है कश्मीरीगंज
भेलूपुर क्षेत्र का कश्मीरीगंज लकड़ी के खिलौना उद्योग का गढ़ है। यहां भगवान की मूर्तियों और सजावटी सामान के अलावा शादी समारोह के लिए बर्तन भी बनाए जाते हैं। स्थानीय निवासी गोदावरी सिंह ने बताया कि शादी समारोह के बर्तन जैसे सिंदूरदान, डिबिया, ओखल, जुराट आदि की मांग लगातार बनी हुई है।