काशी विद्यापीठ: छात्रसंघ चुनाव परिणाम में धांधली का आरोप, एनएसयूआई के छात्रों ने कहा- जाएंगे हाईकोर्ट
काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव मंगलवार को काफी गहमागहमी के बीच संपन्न हुए। महामंत्री पद पर दो प्रत्याशियों को बराबर मत मिले थे। लिंगदोह कमेटी के नियमानुसार एक वरिष्ठता के आधार पर विजेता घोषित किया गया। इसी को लेकर एनएसयूआई ने विरोध जताया है।
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव परिणाम में एनएसयूआई ने धांधली का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि चुनाव में लिंगदोह समिति की सिफारिशों का कहीं से भी पालन नहीं किया गया। 23 बूथों पर पड़े मतों की संख्या और गिनती के बाद मतों की संख्या में जमीन आसमान का अंतर है।
चुनाव में धांधली के खिलाफ हम लोग हाईकोर्ट जाएंगे। एनएसयूआई से छात्रसंघ महामंत्री का चुनाव लड़ रहे प्रभु पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के ऊपर उन्हें जबरिया चुनाव हराने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने कहा कि पुलिस प्रशासन भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही थी।
बता दें कि मंगलवार को संपन्न काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में शशि प्रकाश चंदन अध्यक्ष चुने गए। चुनाव में शशिप्रकाश को 1212 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर शिवजनक गुप्ता, महामंत्री पर अभिषेक सोनकर और पुस्तकालय मंत्री पद पर शुभम कुमार पाल ने जीत दर्ज की। गहमागहमी के बीच सुबह 9 बजे से दोपहर दो बजे तक हुए मतदान में 30.96 प्रतिशत वोट पड़े थे।
महामंत्री पद पर बराबरी के बाद वरिष्ठता पर हुआ था फैसला
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में महामंत्री पद पर दो प्रत्याशियों को 1426-1426 मत मिलने के बाद दोनों बराबरी पर रहे। इसकी सूचना जैसे ही प्रत्याशियों को मिली तो दोनों हंगामा करने लगे और चुनाव अधिकारी से दोबारा मतगणना कराए जाने की मांग की। इस वजह से करीब दो घंटे तक मतगणना का काम बाधित रहा।
दोनों प्रत्याशियों को चुनाव अधिकारी के साथ ही पुलिस अधिकारी भी मनाने में लगे रहे, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हुआ। बीच में लॉटरी सिस्टम से परिणाम जारी करने का प्रस्ताव भी रखा गया लेकिन बात नहीं बन सकी। रात करीब 11 बजे लिंगदोह कमेटी के नियमानुसार चुनाव अधिकारी ने इस पद पर वरिष्ठता के आधार पर अभिषेक सोनकर को विजेता घोषित किया, तब जाकर मामला शांत हुआ।