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Varanasi News: पैसे बचाने के चक्कर में सड़कों पर खड़े हो रहे वाहन, लग रहा जाम
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वाराणसी। गाजीपुर से खरीदारी करने बनारस आए विनोद ने लक्सा पर सड़क किनारे गाड़ी पार्क कर दी। इसके बाद वे गोदौलिया चले गए। दर्शन-पूजन और खरीदारी कर वापस लौटे। तकरीबन तीन घंटे तक गाड़ी सड़क पर खड़ी रही। पूछने पर बताया कि तीन घंटे का 150 रुपया कौन देगा। दस बीस रुपये की बात होती तो एक बार पार्किंग में गाड़ी खड़ी करते। कमोबेश ज्यादातर इलाकों का यही हाल है।
शहर के 35 पार्किंग स्थलों में 13750 वाहनों के खड़े करने की क्षमता भी नाकाफी है। यहां प्रतिदिन 20 से 25 हजार अतिरिक्त वाहनों का दबाव रहता है। सड़क किनारे ज्यादातर फुटपाथों पर कब्जा है। शहर में स्मार्ट सिटी की ओर से चार पार्किंग स्थलों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से 31 छोटे पार्किंग स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 12400 छोटे-बड़े वाहन खड़े किए जाते हैं। जबकि आरटीओ में 10.22 हजार लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से प्रतिदिन 18 से 20 हजार वाहन आते हैं। सड़कों पर 25 से 30 हजार वाहन प्रतिदिन खड़े रहते हैं। बड़े वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई स्थान नहीं नहीं है।
ठंडे बस्ते में जाम से निजात दिलाने की योजना
पूर्व में प्रशासन की समन्वय बैठक में जाम से निजात दिलाने की योजना बनाई गई थी। गोदौलिया से मैदागिन के बीच में चार स्थान भी देखे गए थे, लेकिन बाद में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। विभागों में आपसी समन्वय नहीं है।
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बगैर पार्किंग के निर्माण की अनुमति न मिले
आईआईटी बीएचयू सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. वृंद कुमार ने बताया कि पूर्व में यहां अनियोजित विकास हुए थे। फुटपाथ का पता नहीं है। वाहनों को खड़ा करने के लिए जो जगह हैं वह काफी कम है। शहर में जो भी निर्माण हो रहे हैं। वहां पहले पार्किंग स्थल होना चाहिए। इसके बाद ही निर्माण की अनुमति देनी चाहिए।
सबसे अधिक जाम वाले इलाके
सिगरा, महमूरगंज, मंडुवाडीह, अंधरापुल, नदेसर, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, लक्सा, गिरजाघर, चेतगंज, लहुराबीर, लंका, सुंदरपुर, भिखारीपुर, लहरतारा, कचहरी, भोजूबीर, अर्दली बाजार, गोलघर, खजुरी, चौकाघाट, राजघाट, भदऊं चुंगी, कज्जाकपुरा, जैतपुरा।
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शहर के 35 पार्किंग स्थलों में 13750 वाहनों के खड़े करने की क्षमता भी नाकाफी है। यहां प्रतिदिन 20 से 25 हजार अतिरिक्त वाहनों का दबाव रहता है। सड़क किनारे ज्यादातर फुटपाथों पर कब्जा है। शहर में स्मार्ट सिटी की ओर से चार पार्किंग स्थलों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से 31 छोटे पार्किंग स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 12400 छोटे-बड़े वाहन खड़े किए जाते हैं। जबकि आरटीओ में 10.22 हजार लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से प्रतिदिन 18 से 20 हजार वाहन आते हैं। सड़कों पर 25 से 30 हजार वाहन प्रतिदिन खड़े रहते हैं। बड़े वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई स्थान नहीं नहीं है।
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ठंडे बस्ते में जाम से निजात दिलाने की योजना
पूर्व में प्रशासन की समन्वय बैठक में जाम से निजात दिलाने की योजना बनाई गई थी। गोदौलिया से मैदागिन के बीच में चार स्थान भी देखे गए थे, लेकिन बाद में यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। विभागों में आपसी समन्वय नहीं है।
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बगैर पार्किंग के निर्माण की अनुमति न मिले
आईआईटी बीएचयू सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. वृंद कुमार ने बताया कि पूर्व में यहां अनियोजित विकास हुए थे। फुटपाथ का पता नहीं है। वाहनों को खड़ा करने के लिए जो जगह हैं वह काफी कम है। शहर में जो भी निर्माण हो रहे हैं। वहां पहले पार्किंग स्थल होना चाहिए। इसके बाद ही निर्माण की अनुमति देनी चाहिए।
सबसे अधिक जाम वाले इलाके
सिगरा, महमूरगंज, मंडुवाडीह, अंधरापुल, नदेसर, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, लक्सा, गिरजाघर, चेतगंज, लहुराबीर, लंका, सुंदरपुर, भिखारीपुर, लहरतारा, कचहरी, भोजूबीर, अर्दली बाजार, गोलघर, खजुरी, चौकाघाट, राजघाट, भदऊं चुंगी, कज्जाकपुरा, जैतपुरा।