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सुविधा: वाराणसी-गोरखपुर के बीच चलेंगी हाइड्रोजन ट्रेनें और बसें, इन संस्थाओं को बनाया गया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
Thu, 11 Dec 2025 04:59 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 11 Dec 2025 04:59 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी-गोरखपुर के बीच हाइड्रोजन ट्रेनें और बसें चलेंगी। इसको लेकर राज्य सरकार ने आईआईटी बीएचयू और गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया है।
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Hydrogen Train
- फोटो : AdobeStock
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विस्तार
वाराणसी और गोरखपुर के बीच हाइड्रोजन ट्रेनें चलेंगी। बसें भी चलाई जाएंगी। उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति- 2024 के तहत आईआईटी बीएचयू और गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया गया है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को दोनों संस्थानों के नामों को स्वीकृति दी है। पहला काम गोरखपुर और वाराणसी के बीच हाइड्रोजन-ईंधन की ट्रेन चलानी है। इसी तरह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ग्रीन हाइड्रोजन-चालित बसों का संचालन कराएगा। आईआईटी बीएचयू इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व करेगा। संचालन और मेजबानी करने के साथ ही तकनीकी सहयोग देगा।
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वाराणसी और गोरखपुर में संयुक्त रूप से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की स्वीकृति उत्तर प्रदेश नव एवं अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) ने दी है। इसके जरिये ग्रीन हाइड्रोजन से संबंधित अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण और औद्योगिक प्रयोगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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इस परियोजना के माध्यम से हाइड्रोजन के भंडारण, परिवहन, संचालन दक्षता का परीक्षण किया जा सकेगा। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने बताया कि विश्वास और समर्थन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपीनेडा और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और अत्याधुनिक अनुसंधान हो सकेंगे।
जल परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी एजेंसी में समन्वय जरूरी
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में जल परिवहन के अधिकारियों संग बैठक कर आगामी परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बृहस्पतिवार को होने वाले हाइड्रोजन टैक्सी के उद्घाटन कार्यक्रम के मिनट्स पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंतर्देशीय जल परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी एजेंसी में समन्वय जरूरी है।
सचिव ने मंत्रालय की ओर से वाराणसी को एक प्रमुख अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। समीक्षा बैठक में वर्तमान में प्रगति पर विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की गई। सचिव ने एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और निर्देश दिया कि परियोजनाओं की निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखें। इस बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, आईडब्ल्यूएआई के वरिष्ठ अधिकारी आदि मौजूद रहे।
सचिव ने मंत्रालय की ओर से वाराणसी को एक प्रमुख अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन हब के रूप में विकसित करने की योजना है। समीक्षा बैठक में वर्तमान में प्रगति पर विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की गई। सचिव ने एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की और निर्देश दिया कि परियोजनाओं की निर्बाध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखें। इस बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, आईडब्ल्यूएआई के वरिष्ठ अधिकारी आदि मौजूद रहे।