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Varanasi News: करसड़ा के बजाय रमना में ही खपत होगा कूड़ा
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आगामी एक साल के भीतर शहर के पास रमना में ही कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। अभी करसड़ा में कूड़ा भेजा जा रहा है। रमना में कूड़े से कोयला तैयार करने का प्लांट तैयार होगा। तकरीबन 200 करोड़ रुपये की लागत से रमना में बन रहे इस प्लांट के निर्माण में एनटीपीसी का सहयोग है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम के साथ समझौता किया है।
नगर निगम के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में एनटीपीसी के अधिकारियों ने बैठक कराने को कहा है। कूड़ा पहुंचने और निस्तारण के दौरान आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए एनटीपीसी के अधिकारी नगर निगम आए। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय कुमार के अनुसार वर्तमान में शहर का कूड़ा करसड़ा भेजा जाता है। ऐसी स्थिति में शहर से करसड़ा तक कूड़ा ले जाने में काफी खर्च होता है। इस प्लांट के निर्माण से एक ओर जहां नगर निगम का कूड़े पर खर्च कम होगा। वहीं कूड़े से बनने वाले कोयला को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस प्लांट की क्षमता 600 मीट्रिक टन की है। यहां पर कूड़ा नगर निगम पहुंचाएगा। जिसे मशीनों की मदद से कोयला में बदला जाएगा। इस कोयले का इस्तेमाल एनटीपीसी बिजली बनाने के लिए करेगी।
रमना में प्लांट का निर्माण चल रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर 2023 तक इसे चालू कर दिया जाएगा। इसमें कूड़े से कोयला बनाया जाएगा। शहर को कचरा से मुक्त कराने में यह प्लांट काफी कारगर होगा। यह प्लांट नगर निगम की रमना में 20 एकड़ जमीन पर बन रहा है। प्लांट की क्षमता रोजाना छह सौ मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण की होगी। यह इको फ्रेंडली बनाया जा रहा है ताकि आसपास लोगों को कोई परेशानी न हो। निर्माण कार्य के बाद इसका रखरखाव नगर निगम करेगा।
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नगर निगम के अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में एनटीपीसी के अधिकारियों ने बैठक कराने को कहा है। कूड़ा पहुंचने और निस्तारण के दौरान आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए एनटीपीसी के अधिकारी नगर निगम आए। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय कुमार के अनुसार वर्तमान में शहर का कूड़ा करसड़ा भेजा जाता है। ऐसी स्थिति में शहर से करसड़ा तक कूड़ा ले जाने में काफी खर्च होता है। इस प्लांट के निर्माण से एक ओर जहां नगर निगम का कूड़े पर खर्च कम होगा। वहीं कूड़े से बनने वाले कोयला को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस प्लांट की क्षमता 600 मीट्रिक टन की है। यहां पर कूड़ा नगर निगम पहुंचाएगा। जिसे मशीनों की मदद से कोयला में बदला जाएगा। इस कोयले का इस्तेमाल एनटीपीसी बिजली बनाने के लिए करेगी।
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रमना में प्लांट का निर्माण चल रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर 2023 तक इसे चालू कर दिया जाएगा। इसमें कूड़े से कोयला बनाया जाएगा। शहर को कचरा से मुक्त कराने में यह प्लांट काफी कारगर होगा। यह प्लांट नगर निगम की रमना में 20 एकड़ जमीन पर बन रहा है। प्लांट की क्षमता रोजाना छह सौ मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण की होगी। यह इको फ्रेंडली बनाया जा रहा है ताकि आसपास लोगों को कोई परेशानी न हो। निर्माण कार्य के बाद इसका रखरखाव नगर निगम करेगा।
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