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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ganga cannot be clean without existence of Asi and Varuna NGT seeks report on illegal construction in varanasi

वाराणसी: असि और वरुणा के अस्तित्व के बिना नहीं हो सकती गंगा स्वच्छ, एनजीटी ने अवैध निर्माण की मांगी रिपोर्ट

Sat, 19 Jun 2021 04:57 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 19 Jun 2021 04:57 PM IST
सार

एनजीटी ने वरुणा व असि में गिर रहे मल-जल व उस पर हुए अवैध निर्माण को लेकर निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया। साथ ही जल्दी रिपोर्ट मांगी है।

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Ganga cannot be clean without existence of Asi and Varuna NGT seeks report on illegal construction in varanasi
वरुणा नदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने वाराणसी में असि और वरुणा पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट आठ अगस्त से पहले मांगी है। शुक्रवार को गंगा की अविरलता व निर्मलता पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कहा कि असि और वरुणा के बिना वाराणसी में गंगा स्वच्छता की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसके साथ ही असि व वरुणा नदी क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण को चिह्नित करने का भी आदेश दिया। 

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गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए अधिवक्ता सौरभ तिवारी की याचिका पर सुनवाई के बाद पांच जजों की पीठ ने अंतरिम आदेश देते हुए गंगा व उसकी सहायक नदियों वरुणा व असि में गिर रहे मल-जल व उस पर हुए अवैध निर्माण को लेकर निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया। स्वतंत्र निगरानी समिति को दो सप्ताह के अंदर काम शुरू करने का आदेश दिया गया है।
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एनजीटी द्वारा गठित स्वतंत्र निगरानी समिति के तालमेल के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। गठित कमेटी को अन्य नदी विशेषज्ञ की सहायता लेने की भी राय दी गई है। एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि वाराणसी में गंगा कि सफाई की तब तक कल्पना नहीं की जा सकती जब तक उसकी सहायक नदी वरुणा व असि को मल-जल मुक्त नहीं किया जाएगा।

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एनजीटी ने अपने फैसले में ललिता घाट के सामने गंगा की धारा में बन रहे प्लेटफार्म का भी जिक्र किया है। एनजीटी ने नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा से सुनवाई की अगली तिथि चार अगस्त से पहले पूरी रिपोर्ट तलब की है। एनजीटी ने पूर्व में चल रहे सीवेज प्लांट में जरूरत के अनुसार संशोधन करने को भी कहा है। मामले की सुनवाई 17 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई और फैसला 18 जून को अपलोड हुआ। 

एनएमसीजी से मांगी पूरी रिपोर्ट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन व जिलाधिकारी की अगुवाई में स्वतंत्र निगरानी समिति गठित करने का आदेश दिया गया है। एनजीटी नें गठित स्वतंत्र निगरानी समिति को असि व वरुणा के पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट, मल-जल शोधन पर चल रहे कार्य का ब्योरा असि-गंगा व वरुणा-गंगा के संगम के नीचे व ऊपरी भाग में पानी गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट तथा असि-वरुणा नदी के अवैध निर्माण को चिन्हित कर रिपोर्ट मांगी है।

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