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Varanasi: विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर 90 हजार की ठगी, पुलिस पर 40 हजार में सुलह कराने का आरोप

Mon, 24 Oct 2022 04:45 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 24 Oct 2022 04:45 PM IST
सार

वाराणसी के बड़ागांव थाना अंतर्गत एक गांव निवासी महिला महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर 90 हजार की ठगी की गई। पुलिस से शिकायत की तो पुलिसकर्मियों ने 40 रुपये में सुलह समझौता करा दिया। 

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Fraud of RS 90 thousand with lady in  name of getting  job in abroad police  accused for  reconciliation
- फोटो : Istock

विस्तार

विदेश में पति की नौकरी लगवाने के नाम पर महिला से 90 हजार रुपये ठगी की गई। वाराणसी के बड़ागांव थाना अंतर्गत एक गांव निवासी महिला का आरोप है कि हरहुआ चौकी में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिसकर्मियों ने 40 हाजरी रुपये में सुलह समझौता करा दिया। 

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पीड़ित महिला के अनुसार उसका पति मजदूरी करता था और कुछ माह पूर्व उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उसने बताया कि जब वह पासपोर्ट बनवाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय महमूरगंज पहुंचा तो वहां पर उसकी मुलाकात पांडेपुर निवासी मोहम्मद शाहनवाज नामक व्यक्ति से हुई।
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कर्ज मांग कर 90 हजार रुपए दिए थे
मोहम्मद शाहनवाज ने उसे ओमान में अच्छी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। विदेश भेजने और अन्य खर्च के लिए शाहनवाज ने 90 हजार रुपये की मांग की। उसकी बातों पर विश्वास कर पति और पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज मांग कर 90 हजार रुपए का इंतजाम किया।

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मस्कट में अच्छी नौकरी के नाम पर भेड़ बकरी चराने जैसे काम दिए

महिला ने 35 हजार रुपए उसके सितंबर माह में शाहनवाज के खाते में ट्रांसफर किए। जबकि बाकी की रकम नकद दिया गया। 12 सितंबर को महिला का पति अन्य आठ लोगों के साथ विमान से मुंबई से मस्कट गया, लेकिन वहां उसे नौकरी नहीं मिली। पीड़ित ने बताया कि जहां उसे ठहराया गया था, उस बंकर नुमा कमरे में पहले से ही काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही गई थी लेकिन वहां पर सफाईकर्मी और भेड़ बकरी चराने जैसे काम दिए जाने की बात कही जाने लगी। बंकर में ही लोगों को खाना मिल जाता था और उसी में दिन और रात गुजारनी पड़ती थी। बंकर में रखे गए लोगों का पासपोर्ट भी वहां को लोगों ने ले लिया था।

मस्कट से पति ने वीडियो कॉल पर दिखाया सच

नौकरी न मिलने के बाद महिला का पति रोते हुए उसे वीडियो कॉल पर पूरी बात बताया। पति को अपने देश वापस बुलाने के लिए महिला ने एजेंट से संपर्क किया तो उसके द्वारा कोई मदद नहीं की गई। उसके बाद महिला कई अन्य लोगों से संपर्क की। काफी प्रयास के बाद उसका पति दो अक्तूबर को ओमान से अपने देश लौट आया।

पीड़िता का आरोप है कि रुपए वापस मांगने पर एजेंट ने धमकी दी। जिसकी शिकायत हरहुआ पुलिस चौकी पर की गई। पुलिस चौकी पर मौजूद एक दरोगा ने एजेंट से 20 दिन में 40 हजार रुपए लौटाने की बात कहते हुए सुलह समझौता करवा दिया गया। बड़ागांव इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी के अनुसार ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। चौकी पर पुलिसकर्मियों और पीड़ित दंपती से पूछताछ की जाएगी।  

सात लोग अब भी ओमान में हैं फंसे

महिला के पति के अनुसार कुल नौ लोग एजेंट के माध्यम से ओमान भेजे गए थे। दो अक्टूबर को वह लौट आया जबकि उसके साथ का एक अन्य युवक भी कुछ दिन पूर्व ओमान से मुंबई वापस आ गया। पीड़ित ने कहा कि अभी भी ओमान में सात लोग फंसे हैं। उनको नौकरी नहीं मिल रही है और वहां पर उनका पासपोर्ट भी ले लिया गया है। पीड़ित ने बताया कि 16 अक्टूबर को बातचीत के दौरान उन लोगों ने भी अपनी समस्या को पीड़ित से साझा किया था उसके बाद अभी तक उन लोगों से संपर्क नहीं हो सका।

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