फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Flag hoisting in Ayodhya Havan and worship in Kashi students remember Lord Ram after worshipping Shiva

UP: अयोध्या में ध्वजारोहण...काशी में हवन-पूजन, शिव की आराधना कर बटुकों ने श्रीराम का किया स्मरण; गंगा पूजा

Tue, 25 Nov 2025 12:35 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 25 Nov 2025 12:35 PM IST
सार

Dhwajarohan in Ayodhya: काशी में भी प्रमु श्रीराम का स्मरण कर गंगा आरती की गई। अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा धर्म ध्वजारोहण के साथ ही बटुकों ने विभिन्न अनुष्ठान हुए।

विज्ञापन
Flag hoisting in Ayodhya Havan and worship in Kashi students remember Lord Ram after worshipping Shiva
अयोध्या में ध्वजारोहण के साथ ही काशी में भी हुए विभिन्न अनुष्ठान। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रभु श्री राम के विवाह के पुण्य अवसर पर अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर भगवा धर्म ध्वजारोहण की शुभ घड़ी को नमामि गंगे ने महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुकों के साथ पवित्र सिद्धेश्वरी परिसर में हवन पूजन करके हर्षोल्लास के साथ मनाया। 

विज्ञापन


करोड़ों सनातनधर्मियों की आस्था, संघर्ष, कारसेवकों के बलिदान, न्याय और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की गाथा लिख रहे संपूर्ण राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के अवसर पर संपूर्ण भारतवर्ष के लिए आत्मनिर्भर और विकसित भारत का आशीर्वाद मांगा। सिद्धेश्वरी परिसर में उत्साह पूर्वक सभी ने भगवान श्री राम का गुणगान किया।
विज्ञापन


नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्री राम जी का मंदिर सनातनी संस्कृति के पुनर्जागरण की वह कथा है, जिसने लगभग पांच दशकों तक देश की राजनीति, समाज और जनभावनाओं को प्रभावित किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बटुकों ने की गंगा आरती

रामलला के नए मंदिर में विराजमान होने के साथ ही अयोध्या में ऐसा दृश्य बना, जिसे युगों की प्रतीक्षा के बाद पूरा हुआ स्वप्न कहा जा सकता है। प्राणप्रतिष्ठा के भावुक पल ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मंदिर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा में रचे-बसे धर्म का पुनर्प्राणन है। 

मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज का आरोहण मंदिर की पूर्णता का संकेत ही नहीं, बल्कि वह घोषणा है कि सनातन धर्म की परंपराएं आज भी उतनी ही जीवित हैं जितनी रामायण के काल में थीं। आयोजन में महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के वेदपाठी बटुक उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed