10 मिनट में दमकल का पानी खत्म: जमानिया में 7 दुकानें जलकर राख, 14 लाख का नुकसान; डेढ़ घंटे तक भटकते रहे कर्मी
जमानिया में आग लगने से सात दुकानें जलकर राख हो गईं। आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी का पानी महज 10 मिनट में खत्म हो गया। इसके बाद कर्मचारी करीब डेढ़ घंटे तक पानी के लिए भटकते रहे। दुकानदारों के अनुसार हादसे में करीब 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।
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गाजीपुर के जमानिया कस्बे में सोमवार की भोर करीब 3:30 बजे बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने सात दुकानदारों की रोजी-रोटी राख कर दी। ब्लॉक के पास विद्युत केबल में शॉर्ट सर्किट के बाद नीचे स्थित गुमटियों और दुकानों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
आरोप है कि सूचना के बावजूद विद्युत विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। उधर, पहुंची दमकल की गाड़ी भी महज 10 मिनट पानी फेंकने के बाद खाली हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक पानी के इंतजार के बाद नगर पालिका से पानी मिलने पर आग बुझाने का काम दोबारा शुरू हो सका। तब तक सात दुकानें और उनमें रखा सामान जलकर राख हो चुका था।
पीड़ित दुकानदारों फिरोज राइनी, रामानुज जायसवाल, हफीजुर्रहमान, नसीम राइनी, मो. इजहार, नईम, जफर अली ने बताया कि आग विद्युत केबल में शॉर्ट सर्किट से लगी। उनका आरोप है कि केबल घटिया होने के साथ ही घटना के बाद बिजली निगम को तत्काल सूचना दी गई, लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी में पानी खत्म होने के बाद दमकल कर्मी पानी की तलाश में भटकते रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद नगर पालिका की मदद से पानी उपलब्ध कराया गया। इसके बाद स्थानीय नागरिकों और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
पुलिस और तहसील प्रशासन को सूचना मिलने पर पुलिस तथा राजस्व कर्मियों ने मौके का निरीक्षण किया। पीड़ित दुकानदारों ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय में संयुक्त प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने बताया कि हल्का लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सात दुकानदारों को करीब 14 लाख की चपत
पीड़ित दुकानदारों ने कहा कि आगलगी में शादी डेकोरेशन का सामान और कपड़ा जलने से रामानुज जायसवाल को करीब 3.50 लाख रुपये, फल विक्रेता फिरोज राईनी को 2.60 लाख, 130 पेटी अंडा और इन्वर्टर जलने से नसीम राईनी को 2.50 लाख तथा फल, नारियल, ड्रम और तराजू जलने से हफीजुर्रहमान को 2.30 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा सैलून का इंटीरियर और सामान जलने से मो. इजहार का एक लाख, फल-सब्जी विक्रेता नईम का एक लाख और फल की पेटियां जलने से जाफर अली का करीब 85 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
पीड़ितों ने मांगा मुआवजा
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक ओम प्रकाश सिंह के पुत्र रीतेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ित दुकानदारों से जानकारी ली और उन्हें आर्थिक मदद देते हुए ढांढस बंधाया। इसके बाद वह एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और एक्सईएन से वार्ता की और मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित गरीब दुकानदारों को अधिक से अधिक मुआवजा व राहत दिलाने की मांग की। एक्सईएन ने पीड़ितों की समस्या सुनने और राहत प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए मिलने का समय दिया है।
पानी की कमी का आरोप गलत हैं। गाड़ी का 2000 लीटर का टैंक पूरी तरह भरा हुआ था। आग इतनी भयावह थी कि लपटों को तुरंत दबाने के लिए हमने पाइप की जगह ऊपर लगे मॉनिटर ब्रांच से पानी डाला, जिससे दो से तीन गुना तेजी से पानी निकलता है। इसी वजह से पास की दुकानों में रखे सिलेंडर ब्लास्ट होने और आग को आगे फैलने से रोका जा सका। पानी समाप्त होते ही हमने बिना समय गंवाए नगरपालिका से लंबी होज पाइप जोड़कर रिले पंपिंग शुरू की और लगातार पानी देकर आग पर पूरी तरह काबू पाया। - कन्हैया यादव,प्रभारी एवं लीडिंग फायरमैन,सैदाबाद फायर स्टेशन।