देव दीपावली: घाटों पर तीन बार होगी सफाई...रात में ही उठ जाएंगे दीए, जानें वर्चुअल मीटिंग की खास बातें
Dev Diwali 2025: काशी में देव दीपावली को लेकर नगर आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने साफ-सफाई से लेकर विभिन्न व्यवस्थाओं का हाल जाना। कहा कि सुविधाओं में कमी नहीं होनी चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi News: देवदीपावली की तैयारियों को ध्यान में रखकर में रखकर सोमवार को वर्चुअल बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निर्देश दिए। कार्तिक पूर्णिमा एवं देव दीपावली के अवसर पर घाटों पर तीन बार सफाई कराएं। रात्रि में ही सभी दीयों की सफाई कराएं।
गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण जिन घाटों का सम्पर्क टूट गया है, उन घाटों पर बालू की बोरियां रखकर पाथवे बनाएं। मुख्य स्नान घाटों पर पर्याप्त मात्रा में चेजिंग रूम लगाएं। घाट के उस पार जनरेटर लगाकर सजावट करें। घाटों पर छूट्टा पशुओं का विचरण न होने पाए। इसके लिए कैटिल कैचर लगाएं। इसके लिए मंगलवार को अभियान चलाए। नमोघाट पर गमलों से सजावट कराएं।
नमो घाट, राजघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट सहित महत्वपूर्ण घाटों पर अर्पण कलश रखें। चेतसिंह घाट और जिन घाटों पर सम्पर्क टूटा है, उन घाटों पर मजबूत बैरेकेटिंग कराएं। रामनगर बलुआ घाट पर सजावट कराएं। देव दीपावली के समय गंगा नदी में मृत जानवरों को बहने से रोकने के लिये नदी में बड़ा जाल लगाए।
मजदूर लगातर सिल्ट को कर रहे समतल
अस्सी घाट पर मजदूर लगाकर सिल्ट को समतलीकरण किया गया। तुलसीघाट पर सफाई चल रही है। कई खंभों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग के अलावा यहां तेल और बाती भी पहुंच गई। पेटिंग चल रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण जानकी घाट पर बैरिकेडिंग की गई। पंपवा घाट पर गंदगी है जबकि प्रभु घाट पर सिल्ट है। झालरों से भवनों को सजाया जा रहा है। बोर्ड लगाया गया है आगे गहरे पानी में न जाएं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 13 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रात 9 बजे गंगा का जलस्तर 62.41 मीटर दर्ज किया गया था। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। दो नवंबर को जलस्तर 62.28 मीटर रहा। गंगा घाटों पर अब पर्यटकों और सैलानियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई है।
बनेगी अनोखी दीपमाला
घाटों का आपस में एक बार फिर संपर्क टूट गया है। भदैनी घाट से लोग अब जानकी घाट तक नही जा पा रहे है। वहीं, निषाद राज घाट पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बहुत ही कम जगह बची है। जिससे देव दीपावली पर भीड़ बढ़ने के कारण हादसे होने की आशंका बढ़ गई है। शिवाला घाट से हनुमान घाट के बीच भी दिक्कतें बढ़ गई है। पम्पवा घाट से भदैनी घाट के बीच बैरिकेटिंग लगाई गई है।
घाटों पर दीपमाला बनना के लिए गंगा घाटों पर दीप तेल और बतिया जिला प्रशासन की तरफ से सोमवार की दोपहर घाटों पर पहुचना शुरू हो गया है। वही नाविक अपनी नावों और बजड़ों की सजावट के लिए रंग रोगन का काम अंतिम चरण में है। घाटों पर नगर निगम की तरफ से रंग रोगन का काम कराया जा रहा है। घाटों पर झालरें लग गई है।