{"_id":"5d24d9a38ebc3e6cf35f92f8","slug":"si-durg-vijay-died-aiims-delhi-due-treatment-attack-on-police-team-in-muzaffarnagar-mirazapur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जिंदगी की जंग हार गए एसआई दुर्ग विजय सिंह, मुजफ्फरनगर पेशी से लौटते समय बदमाशों ने मारी थी गोली","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
जिंदगी की जंग हार गए एसआई दुर्ग विजय सिंह, मुजफ्फरनगर पेशी से लौटते समय बदमाशों ने मारी थी गोली
Wed, 10 Jul 2019 12:05 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 10 Jul 2019 12:05 AM IST
विज्ञापन
एसआई दुर्ग विजय सिंह (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में बदमाशों की गोली से घायल एसआई दुर्ग विजय सिंह मंगलवार की सुबह जिंदगी की जंग हार गए। उनके साथी बताते हैं कि वे काफी मृदुभाषी और सहयोगी स्वभाव के थे। वह सिपाही से एसआई बने थे। 14 जून 2019 को वे जौनपुर से स्थानांतरित होकर मिर्जापुर आए थे।
विज्ञापन
मऊ जनपद के रानीपुर के रहने वाले एसआई दुर्ग विजय सिंह जिला कारागार मिर्जापुर में बंद अपराधी रोहित उर्फ सांडू को एक जुलाई को कांस्टेबल सुनील उपाध्याय, सुनील प्रजापति, अखिलेश राय के साथ पेशी के लिए मुजफ्फरनगर लेकर गए थे।
विज्ञापन
दो जुलाई को लौटते समय रास्ते में ढाबे पर भोजन करते समय बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर रोहित को छुड़ा लिया। उनकी गोली से गंभीर रूप से घायल दुर्ग विजय सिंह के दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह मौत हो गई। उनके निधन से पुलिस लाइन में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
उनके साथ ही जौनपुर से स्थानांतरित हो कर आए उनके साथी एसआई दीपचंद राम बताते हैं कि दुर्ग विजय सिंह काफी मृदुभाषी और सहयोगी स्वभाव के व्यक्ति थे। वह हर किसी की मदद को तत्पर रहते थे। वह शुरू में सिपाही थे।
पदोन्नति के बाद हेड कांस्टेबल और फिर एसआई बने थे। हेड कांस्टेबल बनने पर जौनपुर में यूपी 100 में भी काम किया था। उसके बाद मिर्जापुर स्थानांतरित होने पर पुलिस लाइन में ही रहे।