फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Fake trust created in Varanasi in the name of Prime Minister Narendra Modi

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बनाया फर्जी ट्रस्ट, दस पर मुकदमा, तीन गिरफ्तार

Sat, 31 Oct 2020 12:56 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 31 Oct 2020 12:56 AM IST
विज्ञापन
Fake trust created in Varanasi in the name of Prime Minister Narendra Modi
प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter

प्रधानमंत्री के नाम पर आदर्श नरेंद्र दामोदर दास मोदी जन कल्याणकारी ट्रस्ट बनाकर फर्जीवाड़े करने का मामला सामने आया है। फर्जीवाड़े के लिए ट्रस्ट को निबंधन कार्यालय में रजिस्टर्ड भी कराया गया। प्रकरण को लेकर उप निबंधक सदर द्वितीय हरीश चतुर्वेदी की तहरीर के आधार पर कैंट थाने में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

विज्ञापन


पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में ट्रस्ट के अध्यक्ष कबीर नगर, दुर्गाकुंड निवासी अजय पांडेय व उसके चाचा बलिया जिले के बैरिया के रवींद्रनाथ पांडेय और दोस्त अर्दली बाजार निवासी शाहबाज खान को गिरफ्तार कर अन्य सात नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है। रवींद्रनाथ और शाहबाज ने खुद को पुलिस की पूछताछ में तथाकथित पत्रकार बताया।
विज्ञापन


उप निबंधक सदर द्वितीय के अनुसार दुर्गाकुंड क्षेत्र के कबीर नगर निवासी अजय पांडेय ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से जनकल्याणकारी ट्रस्ट बीती 14 जुलाई को पंजीकृत कराया था। इसके लिए अजय ने मई महीने में आवेदन किया था। कुछ शिकायतें मिलने पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर कागजात की जांच की गई तो अजय का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद सभी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया। अजय पांडेय, उसके चाचा रवींद्रनाथ व दोस्त शाहबाज खान के अलावा वाराणसी का प्रदीप कुमार सिंह, नवलपुर बसही का सोनू कुमार गुप्ता, महागांव गरथमा का विकास मिश्रा, सरसौली कैंट की प्रिया श्रीवास्तव, हुकुलगंज कैंट का अनिल, अनेई की रंजीता सिंह और बलिया के बेलहरी का अविनाश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

इस संबंध में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है। तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सात अन्य नामजद और इस साजिश में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें दबिश दे रही हैं।

धमकी भरी चिट्ठियां भेजने पर पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

आरओ बेचने का काम करने वाले स्नातक उत्तीर्ण अजय ने प्रधानमंत्री के नाम से ट्रस्ट रजिस्टर्ड करा लिया तो लगभग 50 सांसद, डीएम आफिस और मुख्यमंत्री ऑफिस को आर्थिक अनुदान के लिए चिट्ठियां भेजनी शुरू की। उसका कहना था कि वह आदर्श नरेंद्र दामोदर दास मोदी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वाराणसी खोलना चाह रहा है और वह इसका कुलपति है। 

इसके लिए तत्काल पिंडरा क्षेत्र में 190 बीघा जमीन आवंटित की जाए और 1000 करोड़ रुपये का आर्थिक अनुदान दिया जाए। अन्यथा की स्थिति में वह प्रधानमंत्री/ गृह मंत्री के कार्यालय में शिकायत करने के साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगा कि उसे जनसरोकार से जुड़े काम में सहयोग नहीं मिल रहा है। अजय के धमकी भरे पत्र को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेकर जांच कराई तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

चाचा ने फर्जीवाड़े के लिए दिया था सुझाव, रवींद्रपुरी में लिया था फ्लैट

अजय के चाचा रवींद्रनाथ ने बताया कि वह दो साल पहले तक लखनऊ में एक स्थानीय समाचार पत्र में संवाददाता था। इसके बाद वह बनारस आ गया और अजय को बीते मई महीने में प्रधानमंत्री के नाम पर ट्रस्ट बनाकर पैसा कमाने के लिए सुझाव दिया। 

इसके बाद चाचा और भतीजे ने शाहबाज की मदद से रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के तत्कालीन संसदीय कार्यालय के समीप एक फ्लैट लिया। फिर, उसी फ्लैट को अपने कार्यालय का पता बताते हुए सांसदों, डीएम-सीएम कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों से पत्राचार करते थे। इसके चलते जिसे भी पत्र मिलता था, तो वह उसे गंभीरता से लेता था।

अभी तो शुरुआत किए थे, किसी से नहीं मिला था एक भी रुपये

गिरफ्तार अजय और उसके चाचा ने पुलिस को बताया कि हम समाजसेवा ही करना चाहते थे। उसी क्रम में फिलहाल शुरुआत किए थे और ट्रस्ट के रजिस्टर्ड होने के बाद से अभी तक कहीं से भी एक रुपये नहीं मिले थे। उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री के नाम से स्थापित ट्रस्ट को देखकर सरकारी विभाग और निजी औद्योगिक घराने भरपूर पैसा देंगे। 

उन्हीं पैसों से समाजसेवा के साथ ही अपना हित भी साधा जाएगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। रवींद्रनाथ का कहना था कि अजय ने जिलाधिकारी वगैरह को चिट्ठी लिखने में सही शब्दों का चयन नहीं किया, शायद इसी वजह से खेल बिगड़ किया गया। प्लान तगड़ा बनाया गया था लेकिन पुलिस और प्रशासन की तत्परता के चलते शुरुआत में ही काम खराब हो गया।

रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत खारिज कर भेजा जेल

तीनों आरोपियों को कैंट थाने की पुलिस ने रिमांड मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश शर्मा की अदालत में पेश किया। आरोपियों की जमानत अर्जी का विरोध सहायक अभियोजन अधिकारी उत्तम त्रिपाठी ने करते हुए इसे गंभीर किस्म का अपराध बताया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्य और पत्रावली के आधार पर तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed