बीएचयू : प्रोफेसर की बर्खास्तगी पर अड़ी छात्राएं, धरना के 24 घंटे बाद भी नहीं निकला कोई नतीजा
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बीएचयू जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एसके चौबे की बर्खास्तगी के लिए छात्राओं के धरने को 24 घंटे हो गए लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। शनिवार शाम 7 बजे से चल रहा धरना दूसरे दिन रविवार को भी सिंह द्वार पर जारी रहा।
छात्राएं प्रोफेसर पर लिखित कार्रवाई की मांग पर अड़ी है जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन पूर्व में हुई कार्यकारिणी परिषद के फैसले को बड़ी कार्रवाई बता रहा है। इस बीच कांग्रेस की पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्राओं के धरने का संमर्थन किया है।
प्रोफेसर चौबे को पिछले साल अक्तूबर में पुणे में शैक्षणिक टूर के दौरान ही छात्राओं पर अश्लील कमेंट करने के आरोप में निलंबित किया गया था। मामले की जांच कराई गई, जिसमें जांच कमेटी ने आरोपों को सही पाया लेकिन कार्यकारिणी परिषद के जून 2019 के फैसले के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया।
शनिवार शाम से धरने पर बैठी छात्राओं ने दूसरे दिन भी विश्वविद्यालय प्रशासन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए प्रो चौबे को बर्खास्त करने की मांग पुरजोर ढंग से उठाई। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो ओपी राय और सीओ भेलूपुर अनिल कुमार, इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत की लेकिन वह बिना लिखित कार्रवाई के मानने को तैयार नहीं हुई।
उधर जंतु विज्ञान विभाग की छात्राओं के दो हॉस्टलों में रविवार को अंदर से तालाबंदी की गई थी, जिससे कि छात्राएं बाहर आकर धरने में न शामिल हो पाए। छात्राओं के पूछे जाने पर इसके लिए कुलपति के आदेश का हवाला दिया गया। उधर सोशल मीडिया पर भी फोटो और वीडियो डालकर छात्र-छात्रा इस धरने का पल-पल अपडेट कर रहे हैं। इस बीच शाम 7 बजे कुलपति प्रो राकेश भटनागर ने धरनारत छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आवास पर बुलाया। जहां एडीएम सिटी विनय कुमार और एसपी सिटी दिनेश सिंह की मौजूदगी में बातचीत चल रही है।
प्रियंका गांधी ने किया समर्थन :
कांग्रेस महासचिव एवं पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने छात्राओं के धरने का समर्थन किया है। अपने फेसबुक पेज पर प्रियंका ने लिखा है कि बीएचयू में छात्राओं को बार-बार विरोध करने के लिए बाहर निकलना पड़ता है। क्योंकि उनको सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती है। एक प्रोफेसर के खिलाफ कई लड़कियों ने शिकायत की, जांच समिति को शिकायत सही मिली, लेकिन कार्रवाई के नाम पर निल बटे सन्नाटा। बेटी बचाओ अभियान अब बेटियां खुद ही चलाएंगी। इधर, प्रियंका समर्थन मिलने से छात्राएं उत्साहित हैं। उनका कहना है कि जब तक बर्खास्तगी नहीं की जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा। उधर, महिला महाविद्यालय के गेट पर एबीवीपी ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन का पुतला जलाया।