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बैंक प्रबंधक समेत तीन पर मुकदमा
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:59 AM IST
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायधीश की अदालत ने यूनियन बैंक के पूर्व एवं वर्तमान प्रबंधक और बिचौलिए के खिलाफ बदलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
वादी मुकदमा दलित जयप्रकाश निवासी ग्राम दुगौली खुर्द थाना बदलापुर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के घनश्यामपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कल्याण सिंह एवं वर्तमान प्रबंधक तथा अक्षत इंटरप्राइजेज के मालिक संजय कुमार निवासी गांव हिम्मत पुर थाना बदलापुर ने मिलकर उसके साथ लोन देने में धोखा धड़ी किया है। वादी के अनुसार संजय कुमार ने सोलर पैनल व बैट्री लगाने के लिए पचास हजार रूपया लोन दिलवाने की बात की और उसके लिए उसकी पत्नी नीलम देवी तथा भाभी उषा देवी को बैनामे के कागजात के साथ बैंक में बुलाया और हस्ताक्षर करवा लिया। किंतु बैंक प्रबंधक की मिली भगत से उसे पचास हजार रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया, जबकि स्वयं संजय ने चार लाख रूपये का कर्ज उसकी भाभी व पत्नी की गारंटी पर बिना सूचना दिए ले लिया। आज तक पीड़ित को न तो सोलर लाइट मिली और न ही लोन की कोई राशि ही मिली। बैंक प्रबंधक से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई, और संजय उसको धमकी दे रहा है कि बैंक का कर्ज जमा करो अन्यथा जान से मार दूँगा। न्यायालय ने थानाध्यक्ष बदलापुर को तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
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वादी मुकदमा दलित जयप्रकाश निवासी ग्राम दुगौली खुर्द थाना बदलापुर ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के घनश्यामपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कल्याण सिंह एवं वर्तमान प्रबंधक तथा अक्षत इंटरप्राइजेज के मालिक संजय कुमार निवासी गांव हिम्मत पुर थाना बदलापुर ने मिलकर उसके साथ लोन देने में धोखा धड़ी किया है। वादी के अनुसार संजय कुमार ने सोलर पैनल व बैट्री लगाने के लिए पचास हजार रूपया लोन दिलवाने की बात की और उसके लिए उसकी पत्नी नीलम देवी तथा भाभी उषा देवी को बैनामे के कागजात के साथ बैंक में बुलाया और हस्ताक्षर करवा लिया। किंतु बैंक प्रबंधक की मिली भगत से उसे पचास हजार रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया, जबकि स्वयं संजय ने चार लाख रूपये का कर्ज उसकी भाभी व पत्नी की गारंटी पर बिना सूचना दिए ले लिया। आज तक पीड़ित को न तो सोलर लाइट मिली और न ही लोन की कोई राशि ही मिली। बैंक प्रबंधक से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई, और संजय उसको धमकी दे रहा है कि बैंक का कर्ज जमा करो अन्यथा जान से मार दूँगा। न्यायालय ने थानाध्यक्ष बदलापुर को तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया।
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