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Varanasi: कलरकोड ऑटो और ई-रिक्शा संचालन का नहीं साफ हो सका रास्ता, दो बैठक के बाद भी नहीं निकला नतीजा

Sun, 08 Jan 2023 08:14 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 08 Jan 2023 08:14 AM IST
सार

शहर में ऑटो व ई-रिक्शा के रूट निर्धारित किए गए हैं। छह जोन को बांटकर शहर में रूट का चयन किया गया है। नारंगी, हरा और धानी रंग के हिसाब से अलग-अलग जोन में ऑटो व ई-रिक्शा के संचालन का खाका खींचा गया है। नए साल से इसको सड़क पर उतारने की योजना थी। बहरहाल, नए साल पर उमड़ने वाली भीड़ के चलते इसे आगे सात जनवरी तक बढ़ाया गया।

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Color code auto and e-rickshaw operation could not clear the way, even after two meetings the result did not c
ऑटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पहली जनवरी को लागू होने वाले कलरकोड ऑटो व ई-रिक्शा संचालन का रास्ता साफ नहीं हो सका। आटो यूनियन के दबाव में कमिश्नरेट पुलिस और प्रशासन अभी ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है। एक जनवरी से अब तक दो बार हुई बैठक में नतीजा सिफर ही निकला। जबकि यातायात पुलिस ने अपने प्रस्ताव में आटो और ई-रिक्शा का रूट भी निर्धारित कर दिया था। यातायात पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी मंथन किया जा रहा है।

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शहर में ऑटो व ई-रिक्शा के रूट निर्धारित किए गए हैं। छह जोन को बांटकर शहर में रूट का चयन किया गया है। नारंगी, हरा और धानी रंग के हिसाब से अलग-अलग जोन में ऑटो व ई-रिक्शा के संचालन का खाका खींचा गया है। नए साल से इसको सड़क पर उतारने की योजना थी। बहरहाल, नए साल पर उमड़ने वाली भीड़ के चलते इसे आगे सात जनवरी तक बढ़ाया गया। हालांकि भीड़ छंटने के बाद भी इसे कमिश्नरेट और जिला प्रशासन लागू नहीं कर सका। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और जिलाधिकारी एस. राजलिंगम की ओर से यह प्लान तैयार किया गया है। 

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Color code auto and e-rickshaw operation could not clear the way, even after two meetings the result did not c
बनारस ऑटो - फोटो : अमर उजाला
शहर में पंजीकृत ऑटो 4500, ई-रिक्शा तेरह हजार हैं। हालांकि ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या शहर में दोगुनी है। अधिकतर बगैर परमिट के भी संचालित हो रहे हैं। जिन पर लगाम लगाने को यातायात पुलिस अभियान भी चला रही है।
डीसीपी यातायात प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन, कमिश्नरेट पुलिस और ऑटो यूनियन के आए प्रस्ताव पर मंथन किया जा रहा है। जल्द ही ठोस निर्णय लेकर संचालन शुरू किया जाएगा।

यह आ रही चुनौतियां
यातायात पुलिस के समक्ष कई चुनौतियां भी हैं। पंजीकृत आटो चालकों को जोनवार चिह्नित करते हुए अलग-अलग करना। अवैध आटो और ई-रिक्शा चालकों को रोकना। नगर निगम, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित नहीं होने और ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों का दबाव भी मुख्य है।
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