{"_id":"577ebdb94f1c1b72027fc7bf","slug":"clarity-of-ganga-avirlta-national-issue-manoj-sinha","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा की निर्मलता-अविरलता राष्ट्रीय मुद्दा : मनोज सिन्हा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा की निर्मलता-अविरलता राष्ट्रीय मुद्दा : मनोज सिन्हा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 08 Jul 2016 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय संचार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि गंगा हमारी धरोहर, संस्कृति और पहचान है। गंगा की अविरलता और निर्मलता का मसला राजनीतिक नहीं है। इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। यह राष्ट्रीय मुद्दा है। गंगा को अविरल-निर्मल बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। अभियान से जन-जन को जोड़ा जाए।
गुरुवार को दशाश्वमेध स्थित राजेंद्र प्रसाद घाट पर नारियल फोड़कर नमामि गंगे अभियान के तहत विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि इस पर खर्च की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने परियोजनाओं के शिलापट्ट का अनावरण किया और घाट पर झाड़ू भी लगाई। साफ-सफाई के लिए लोगों से आह्वान किया कि वे इसके लिए सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन या एक घंटे का समय अवश्य दें। कहा कि गंगा को बचाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने गंगा किनारे शहरों और गांवों के लोगों को जागरूक करने पर बल दिया।
कहा कि केंद्र सरकार डेढ़ वर्ष के तकनीकी अध्ययन के बाद गंगा निर्मलीकरण अभियान को क्रियान्वित करने जा रही है। पूर्व की सरकारों ने भी गंगा पर काम किया लेकिन सफलता नहीं मिली। हमारा प्रयास कारगर साबित होगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गिरने वाले नालों को रोका जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से गंगा को निर्मल बनाने में आसानी होगी। बताया कि ऋषिकेश और काशी में इस योजना की एक साथ शुरुआत हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि 1985 में इसी घाट से गंगा निर्मलीकरण के लिए गंगा एक्शन प्लान की शुरुआत हुई थी मगर गंगा साफ होने की जगह और मैली होती गई। लेकिन, अब केंद्र सरकार के प्रयासों से गंगा साफ और अविरल होगी। इस मौके पर पद्म भूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, केदार नाथ सिंह, चेतनारायण सिंह के अलावा पंडित हरिराम द्विवेदी, नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, तहसीलदार अविनाश कुमार, कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया उपस्थित थे। संचालन राजेंद्र दूबे ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार को दशाश्वमेध स्थित राजेंद्र प्रसाद घाट पर नारियल फोड़कर नमामि गंगे अभियान के तहत विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि इस पर खर्च की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने परियोजनाओं के शिलापट्ट का अनावरण किया और घाट पर झाड़ू भी लगाई। साफ-सफाई के लिए लोगों से आह्वान किया कि वे इसके लिए सप्ताह या महीने में कम से कम एक दिन या एक घंटे का समय अवश्य दें। कहा कि गंगा को बचाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने गंगा किनारे शहरों और गांवों के लोगों को जागरूक करने पर बल दिया।
विज्ञापन
कहा कि केंद्र सरकार डेढ़ वर्ष के तकनीकी अध्ययन के बाद गंगा निर्मलीकरण अभियान को क्रियान्वित करने जा रही है। पूर्व की सरकारों ने भी गंगा पर काम किया लेकिन सफलता नहीं मिली। हमारा प्रयास कारगर साबित होगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गिरने वाले नालों को रोका जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से गंगा को निर्मल बनाने में आसानी होगी। बताया कि ऋषिकेश और काशी में इस योजना की एक साथ शुरुआत हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि 1985 में इसी घाट से गंगा निर्मलीकरण के लिए गंगा एक्शन प्लान की शुरुआत हुई थी मगर गंगा साफ होने की जगह और मैली होती गई। लेकिन, अब केंद्र सरकार के प्रयासों से गंगा साफ और अविरल होगी। इस मौके पर पद्म भूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, केदार नाथ सिंह, चेतनारायण सिंह के अलावा पंडित हरिराम द्विवेदी, नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, तहसीलदार अविनाश कुमार, कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया उपस्थित थे। संचालन राजेंद्र दूबे ने किया।
विज्ञापन