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Varanasi News: डीन की पिटाई में बीकॉम द्वितीय वर्ष के निलंबित दो छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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बीएचयू में वाणिज्य संकाय प्रमुख प्रो. जीसीआर जायसवाल पर हमला करने, सोने की चेन और रुद्राक्ष की माला लूटने के मामले में लंका पुलिस ने बीकॉम द्वितीय वर्ष के निलंबित छात्रों अभिजीत सिंह, ठाकुर जंग बहादुर सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्रों पर मारपीट, लूट, बलवा का आरोप है।
लंका थाना प्रभारी को दिए तहरीर में प्रो. जायसवाल ने बताया कि रविवार की सुबह 6.30 बजे वह परिसर स्थित अपने घर से टहलने व विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। रूईया ग्राउंड के पास तीन मोटर साइकिल से लोग आए। इसमें एक मोटर साइकिल से दो लोग उतरे और पिस्टल सटाकर संकाय प्रमुख का पद छोड़ने की धमकी दी। ऐसा न करने पर मौत के घाट उतारने के लिए धमकाया। प्रो. जायसवाल के अनुसार, अनुशासनहीनता में निलंबित छात्र अभिजीत सिंह, ठाकुर जंग बहादुर सिंह और उसके अन्य साथी ने मारा है। छात्रों को मारपीट व तोड़फोड़ के आरोप में छह महीने पहले निलंबित किया गया था।
प्रो जायसवाल के मुताबित घटना से एक दिन पहले भी निलंबित छात्रों ने मूल्यांकन कक्ष में घुसकर अराजकता की थी। साथ ही गुर्टू छात्रावास में घुसकर दरवाजा भी तोडा था। लंका इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि प्रोफेसर जायसवाल की तहरीर पर दो छात्रों और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पिछले साल आठ माह में 119 घटनाएं, 31 मारपीट, 47 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई
विश्वविद्यालय परिसर में पिछले आठ माह में 119 घटनाएं हुई थी। इसमें मारपीट की 31 घटनाएं शामिल हैं। 47 बार धरना और 41 बार विरोध प्रदर्शन हुआ था। आरटीआई के जरिये मिली जानकारी से यह सच सामने आया है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, 24 मई से 15 दिसंबर 2022 के बीच घटनाएं हुई हैं। इन मामलों में 47 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 13 निलंबित, दो छात्र बर्खास्त, 32 छात्रों को चेतावनी दी गई।
अमर उजाला पड़ताल
फोटो
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, सुरक्षा कर्मियों संग खुफिया विभाग भी फेल
-बीएचयू वाणिज्य संकाय प्रमुख पर हमले के बाद संकाय में दिखा सन्नाटा
-लंका थाने में दो नामजद समेत अज्ञात पर मुकदमा
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू परिसर में चौकस सुरक्षा के लिए 900 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के पास खुद का खुफिया विभाग भी है। दस से अधिक लोग तैनात हैं। सीसी कैमरे लगाए जाने का दावा किया जाता है, फिर भी सुरक्षा में सेंधमारी जारी है। दिनदहाड़े वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. जीसीआर जायसवाल को पीटा गया। यह पहला मामला नहीं है। आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक 2022 में मारपीट की 31 घटनाएं सामने आई थीं। जनवरी से अब तक छह बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
इस साल की बड़ी घटनाएं
4 जनवरी: परिसर में एलडी गेस्ट हाउस चौराहे के पास छात्रा संग छेड़छाड़, मारपीट, लूट।
25 जनवरी: गर्ल्स हॉस्टल के पास सामाजिक विज्ञान संकाय की दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़खानी।
4 फरवरी: वाणिज्य संकाय में रैगिंग और मारपीट, हंगामा।
23 मार्च: विश्वनाथ मंदिर के बाहर गाड़ी खड़ी करने को लेकर छात्रों के दो गुटों में मारपीट।
8 अप्रैल: ब्रजनाथ हॉस्टल में मुंह बांधे युवकों ने खड़ी गाड़ियों में की तोड़फोड़।
17 सितंबर: रूइया खेल मैदान के पास वाणिज्य संकाय प्रमुख पर हमला, पिटाई, रिवाल्वर की मुठिया से वार।
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तीन सवारी और मुंह बांधकर चलने पर रोक का आदेश बेअसर
विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खुद चीफ प्रॉक्टर प्रो. अभिमन्यु सिंह ने 23 फरवरी 2023 को परिसर में बाइक पर तीन लोगों के बैठकर और मुंह बांधकर चलने पर रोक लगाया था। कहा था कि तेज आवाज में हार्न नहीं बजाना है। गाड़ियों की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आदेश बेअसर साबित हो रहा है। पिटाई से आहत प्रो. जायसवाल के अनुसार, हमला करने वाले तीन बाइक से नौ लोग मुंह बांधकर आए थे। हर चौक व क्षेत्र में सुरक्षा कर्मी हैं, लेकिन किसी ने रोका तक नहीं। 0000
प्रो. जायसवाल का कमरा रहा खाली
रविवार की घटना के बाद सोमवार को वाणिज्य संकाय प्रमुख और विभागाध्यक्ष प्रो. जीसीआर जायसवाल का कमरा खाली रहा। वह घर पर रहकर आराम करते रहे। ट्रॉमा सेंटर में रविवार को उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कुछ दिन आराम की सलाह दी है। हालांकि संकाय के गेट पर प्रवेश करते ही दो-तीन सुरक्षा कर्मी मुस्तैद दिखे और अंदर आने जाने वालों पर कड़ी नजर बनाए रहे।
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महामना मालवीय मिशन ने की हमले की निंदा
महामना मालवीय मिशन की सोमवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. जीसी जायसवाल पर हुए हमले की निंदा की और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग रखी। मिशन के वरिष्ठ सदस्य प्रो. जेपी लाल ने कहा कि प्रो. जायसवाल पर कातिलाना हमला किया गया। मिशन के बीएचयू इकाई के अध्यक्ष प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हमला निंदनीय है। वरिष्ठ सदस्य प्रो.यूपी शाही ने त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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लंका थाना प्रभारी को दिए तहरीर में प्रो. जायसवाल ने बताया कि रविवार की सुबह 6.30 बजे वह परिसर स्थित अपने घर से टहलने व विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। रूईया ग्राउंड के पास तीन मोटर साइकिल से लोग आए। इसमें एक मोटर साइकिल से दो लोग उतरे और पिस्टल सटाकर संकाय प्रमुख का पद छोड़ने की धमकी दी। ऐसा न करने पर मौत के घाट उतारने के लिए धमकाया। प्रो. जायसवाल के अनुसार, अनुशासनहीनता में निलंबित छात्र अभिजीत सिंह, ठाकुर जंग बहादुर सिंह और उसके अन्य साथी ने मारा है। छात्रों को मारपीट व तोड़फोड़ के आरोप में छह महीने पहले निलंबित किया गया था।
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प्रो जायसवाल के मुताबित घटना से एक दिन पहले भी निलंबित छात्रों ने मूल्यांकन कक्ष में घुसकर अराजकता की थी। साथ ही गुर्टू छात्रावास में घुसकर दरवाजा भी तोडा था। लंका इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि प्रोफेसर जायसवाल की तहरीर पर दो छात्रों और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पिछले साल आठ माह में 119 घटनाएं, 31 मारपीट, 47 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई
विश्वविद्यालय परिसर में पिछले आठ माह में 119 घटनाएं हुई थी। इसमें मारपीट की 31 घटनाएं शामिल हैं। 47 बार धरना और 41 बार विरोध प्रदर्शन हुआ था। आरटीआई के जरिये मिली जानकारी से यह सच सामने आया है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, 24 मई से 15 दिसंबर 2022 के बीच घटनाएं हुई हैं। इन मामलों में 47 छात्रों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 13 निलंबित, दो छात्र बर्खास्त, 32 छात्रों को चेतावनी दी गई।
अमर उजाला पड़ताल
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सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, सुरक्षा कर्मियों संग खुफिया विभाग भी फेल
-बीएचयू वाणिज्य संकाय प्रमुख पर हमले के बाद संकाय में दिखा सन्नाटा
-लंका थाने में दो नामजद समेत अज्ञात पर मुकदमा
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू परिसर में चौकस सुरक्षा के लिए 900 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय के पास खुद का खुफिया विभाग भी है। दस से अधिक लोग तैनात हैं। सीसी कैमरे लगाए जाने का दावा किया जाता है, फिर भी सुरक्षा में सेंधमारी जारी है। दिनदहाड़े वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. जीसीआर जायसवाल को पीटा गया। यह पहला मामला नहीं है। आरटीआई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक 2022 में मारपीट की 31 घटनाएं सामने आई थीं। जनवरी से अब तक छह बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
इस साल की बड़ी घटनाएं
4 जनवरी: परिसर में एलडी गेस्ट हाउस चौराहे के पास छात्रा संग छेड़छाड़, मारपीट, लूट।
25 जनवरी: गर्ल्स हॉस्टल के पास सामाजिक विज्ञान संकाय की दिव्यांग छात्रा के साथ छेड़खानी।
4 फरवरी: वाणिज्य संकाय में रैगिंग और मारपीट, हंगामा।
23 मार्च: विश्वनाथ मंदिर के बाहर गाड़ी खड़ी करने को लेकर छात्रों के दो गुटों में मारपीट।
8 अप्रैल: ब्रजनाथ हॉस्टल में मुंह बांधे युवकों ने खड़ी गाड़ियों में की तोड़फोड़।
17 सितंबर: रूइया खेल मैदान के पास वाणिज्य संकाय प्रमुख पर हमला, पिटाई, रिवाल्वर की मुठिया से वार।
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तीन सवारी और मुंह बांधकर चलने पर रोक का आदेश बेअसर
विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खुद चीफ प्रॉक्टर प्रो. अभिमन्यु सिंह ने 23 फरवरी 2023 को परिसर में बाइक पर तीन लोगों के बैठकर और मुंह बांधकर चलने पर रोक लगाया था। कहा था कि तेज आवाज में हार्न नहीं बजाना है। गाड़ियों की रफ्तार 20 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आदेश बेअसर साबित हो रहा है। पिटाई से आहत प्रो. जायसवाल के अनुसार, हमला करने वाले तीन बाइक से नौ लोग मुंह बांधकर आए थे। हर चौक व क्षेत्र में सुरक्षा कर्मी हैं, लेकिन किसी ने रोका तक नहीं। 0000
प्रो. जायसवाल का कमरा रहा खाली
रविवार की घटना के बाद सोमवार को वाणिज्य संकाय प्रमुख और विभागाध्यक्ष प्रो. जीसीआर जायसवाल का कमरा खाली रहा। वह घर पर रहकर आराम करते रहे। ट्रॉमा सेंटर में रविवार को उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कुछ दिन आराम की सलाह दी है। हालांकि संकाय के गेट पर प्रवेश करते ही दो-तीन सुरक्षा कर्मी मुस्तैद दिखे और अंदर आने जाने वालों पर कड़ी नजर बनाए रहे।
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महामना मालवीय मिशन ने की हमले की निंदा
महामना मालवीय मिशन की सोमवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. जीसी जायसवाल पर हुए हमले की निंदा की और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग रखी। मिशन के वरिष्ठ सदस्य प्रो. जेपी लाल ने कहा कि प्रो. जायसवाल पर कातिलाना हमला किया गया। मिशन के बीएचयू इकाई के अध्यक्ष प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हमला निंदनीय है। वरिष्ठ सदस्य प्रो.यूपी शाही ने त्वरित कार्रवाई की मांग की।
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