Varanasi: हरिकेश के परिजनों को BHU के न्यूरोलॉजिस्ट ने दी आर्थिक मदद, चलती ट्रेन में सरिया ने ली थी जान
हरिकेश दूबे दिल्ली में रहकर नौकरी करते थे। वह दो दिसंबर को नीलांचल एक्सप्रेस से घर लौट रहे थे। लोहे की रॉड ट्रेन के कोच के शीशे को तोड़ते हुए हरिकेश के गर्दन में जा घुसी थी। मौके पर ही मौत हो गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेन में सफर के दौरान गर्दन में सरिया घुसने की वजह से जान गंवाने वाले हरिकेश दुबे की मदद को अब सामाजिक लोग आगे आ रहे हैं। बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व मेडिकल सुपरीटेंडेंट प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र ने रविवार को सुल्तानपुर के चांदा (गोपीनाथपुर) स्थित आवास पर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हरिकेश के पिता संतराम दुबे व माता एवं हरिकेश के दोनों बच्चों से मिलकर उनसे भविष्य की चिंताओं को लेकर लंबी बातचीत की। प्रोफेसर मिश्र को जब यह पता चला कि हरकेश की बिटिया दिल्ली में पढ़ाई करती है तो उन्होंने दिल्ली में अपने मित्रों की मदद से भविष्य की पढ़ाई को लेकर मदद करने का भरोसा भी दिया।
हरिकेश के गांव में लगा मेडिकल कैंप
परिवार के आर्थिक संकट को देखते हुए प्रोफेसर मिश्र ने फौरी तौर पर हरकेश के पिता संतराम दुबे को 51 हजार रुपये का चेक भी सौंपा। साथ ही परिवार एवं गांव के अन्य लोगों के लिए मेडिकल कैंप भी लगाया। कैंप में आए लोगों को परामर्श देकर निशुल्क दवाएं भी वितरित की गई। प्रोफेसर मिश्र ने फिल्म अभिनेता सोनू सूद से बातचीत कर भविष्य में मदद का भी भरोसा दिलाया।
बता दें कि हरिकेश दूबे दिल्ली में रहकर नौकरी करते थे। वह दो दिसंबर को नीलांचल एक्सप्रेस से घर लौट रहे थे। सोमना और डांबर रेलवे स्टेशन के बीच लोहे की रॉड ट्रेन के कोच के शीशे को तोड़ते हुए हरिकेश के गर्दन में जा घुसी थी। मौके पर ही मौत हो गई थी।
पढ़ें: गोली की रफ्तार से घुसी थी लोहे की रॉड...साथी यात्रियों ने बयां किए खौफ के वो पल