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वाराणसी: 50 करोड़ की जमीन के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत, भाजपा नेता के खिलाफ भी दर्ज है प्राथमिकी

Thu, 27 Aug 2026 01:06 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 27 Aug 2026 01:06 PM IST
सार

वाराणसी में 50 करोड़ की जमीन के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत मिल गई है। मामले में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज है। 

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Anticipatory bail granted to accused in ₹50 crore land case in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

वाराणसी में 50 करोड़ की 70 बिस्वा जमीन को कथित तौर पर हड़पने के मामले में वरुणापति उपाध्याय को अदालत से राहत मिल गई। अपर जिला जज (षष्ठम) आलोक कुमार की अदालत ने दरेखू, रोहनिया निवासी वरुणापति उपाध्याय की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और एक जमानतदार प्रस्तुत करने पर उन्हें अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। 

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अभियोजन के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रमिला मिश्रा ने रोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह का भी नाम है। आरोप है कि उनके पति लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और नियमित डायलिसिस कराते हैं। 
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आरोप है कि उनकी बीमारी और पारिवारिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची। शिकायत के मुताबिक, विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, नितेश राय, सुरेश कुमार सिंह, अजय तिवारी, प्रवीण सिंह, प्रशांत सिंह, अनिल कुमार और सत्यांशु सिंह ने कथित रूप से मिलीभगत कर सात अप्रैल 2026 को 50 करोड़ की 70 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया। इसमें व्यावसायिक उपयोग की जमीन भी शामिल बताई गई है।

बचाव पक्ष ने कहा आरोप के अलावा कोई साक्ष्य नहीं
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि महज आरोप लगाए जाने से किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में आरोपित वरुणापति के नाम जमीन या संबंधित दस्तावेज कराए जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। अदालत ने पत्रावली में उपलब्ध तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद वरुणापति की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

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