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अमर उजाला-इको प्लस सीमेंट एंड स्टील की पेशकश, कान्हा और राधा की मनोहारी लीलाएं देख निहाल हुए लोग
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:27 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मंदिरों के प्रांगण नंदगांव और वृंदावन सरीखे हो गए। इनमें कान्हा और राधा की मनोहारी लीलाएं देख सब निहाल हुए। मौका था काशी के पांच मंदिरों में अमर उजाला और इको प्लस सीमेंट एंड स्टील की ओर से आयोजित कान्हा-राधा रूप सज्जा प्रतियोगिता का। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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सोमवार को दो से आठ साल के बच्चों ने बाल लीला के साक्षात दर्शन कराए। किसी ने बांसुरी बजाई, किसी ने मटकी फोड़ी, किसी ने मक्खन बिखराया तो कई अपने रूप पर इतराया। बच्चों की प्रतिभा देखकर निर्णायक मंडल को विजेता चुनने के लिए खूब सोचना पड़ा।
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शाम चार बजे से शहर के पांच अलग-अलग मंदिरों में आयोजित प्रतियोगिता के लिए राधा और कृष्ण के वेश में सजकर प्रतिभागी एक घंटा पहले ही परिवार संग आ गए। दिन भर हुई बारिश की फुहार के बाद भी प्रतिभागियों का उत्साह कम नहीं हुआ। इन बाल गोपालों की अद्भुत लीला दिखी।
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मां अपने कान्हा को मुकुट लगा रही थी और बच्चा हाथ से निकाल दे रहा था। राधा को मटकी पकड़ाई तो वह बार बार उसे दूसरे को थमाने के प्रयास में लगी रही। जब कैटवाक की बारी आई तो कुछ कान्हा और राधा रोते हुए अपने माता पिता को देखते रहे। निर्णायक मंडल ने अभिभावकों से अनुरोध किया कि अपने कान्हा और राधा को गोद में उठा लें।
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दुर्गाकुंड स्थित त्रिदेव मंदिर में आयोजित कान्हा राधा रूप सज्जा प्रतियोगिता में साक्षी सिंह को सर्वश्रेष्ठ कान्हा का प्रथम पुरस्कार मिला। दूसरे स्थान पर कान्हा बूबना और तीसरे स्थान पर प्रथा पांडेय रहीं। प्रतियोगिता के निर्णायक भरत सर्राफ, राधे गोविंद केजरीवाल, अनूप सर्राफ, अनोज डिडवानिया, राजेश अग्रवाल, राम बूबना, अनिल सिंह, संजीव जालान, सुरेश तुलस्यान रहे।