अमर उजाला शिक्षा अभियान: बनारस में पटरी पर लौटी बेपटरी शिक्षा व्यवस्था, नुकसान की हो रही भरपाई
कोरोना संक्रमण काल के बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। विभिन्न गतिविधियों के जरिए शिक्षक बच्चों के दो साल के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने का प्रयास कर रहे हैं।
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कोरोना संक्रमण काल में बेपटरी हो चुकी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। वाराणसी में शिक्षक और अभिभावकों के प्रयास से बच्चों में भी पढ़ाई के प्रति लगाव बढ़ रहा है। विभिन्न गतिविधियों के जरिए शिक्षक बच्चों के दो साल के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके सकारात्मक नतीजे भी नजर आने लगे हैं और स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ी है।
संक्रमण काल के बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति 90 फीसदी तक है। नया शैक्षिक सत्र विद्यार्थियाें के लिए नया उत्साह और नई उमंग लेकर आया है, लेकिन शिक्षकों पर विद्यार्थियों के अंदर सीखने की ललक पैदा करने की चुनौती भी है। शिक्षकों और विद्यार्थियों का कहना है कि नए सत्र में कोशिश रहेगी कि जो नुकसान पिछले दो साल में हुआ है उसकी शीघ्र भरपाई की जा सके।
छात्र-छात्राओं की हैंड राइटिंग पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
सेवापुरी विकास खंड के खगरामपुर प्राइमरी पाठशाला की सहायक अध्यापिका रोली श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र-छात्राओं की हैंड राइटिंग सबसे ज्यादा खराब हो गई थी। सुधार के लिए काम किया जा रहा है। बच्चों में याद करने की क्षमता बढ़ाने के लिए कई गतिविधियां कराई जा रही हैं। कोरोना काल में बच्चों को पढ़ाना बहुत ही कठिन काम था। ऑफलाइन कक्षाओं में बच्चों की अच्छी उपस्थिति है। विभिन्न गतिविधियों के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है और उनकी पढ़ाई में फिर से रुचि बढ़ रही है।
गतिविधियों के जरिए जोड़ रहे बच्चों को
आराजीलाइन विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय लहिया के सहायक अध्यापक अजय कुमार ने बताया कि कोरोना काल आपदा के साथ-साथ अवसर भी लेकर आया था। डिजिटल वर्ल्ड के जरिये बच्चों को पढ़ाया गया और उसका फायदा भी मिला। योग, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बच्चों को कक्षाओं से जोड़ा जा रहा है। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।