सोनभद्र: यूपी-एमपी की सीमा पर 2027 की पहली तिमाही से होगा सोने का खनन, ठेका आवंटित; प्रक्रिया तेज
यूपी-एमपी सीमा से सटे सोनभद्र में कोयला और बिजली के बाद अब सोने का खनन शुरू होने जा रहा है। गुड़हर पहाड़ी पर 149.3 हेक्टेयर क्षेत्र में दिल्ली की कुंदन गोल्ड माइंस खनन करेगी। यहां प्रति टन पत्थर से 1.03 ग्राम सोना मिलने का अनुमान है। चकरिया में भी गोल्ड ब्लॉक का ठेका आवंटित हो चुका है।
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कोयला खनन और बिजली उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखने वाला यूपी-एमपी का सीमावर्ती क्षेत्र अब सोने की खदानों के लिए भी जाना जाएगा। वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यहां स्वर्ण अयस्क का खनन शुरू करने की तैयारी है। इसकी शुरुआत यूपी सीमा से सटी गुड़हर पहाड़ी से होगी। यहां कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड को 149.3 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन का ठेका मिला है। प्रारंभिक आकलन में प्रति टन पत्थर से 1.03 ग्राम सोना मिलने का अनुमान है। कंपनी 35 वर्षों तक खनन कार्य करेगी।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) की ओर से पूर्व में सोनभद्र और सिंगरौली के कई स्थानों पर स्वर्ण धातु की मौजूदगी के संकेत दिए गए थे। इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे और परीक्षण का काम शुरू हुआ। सोनभद्र के म्योरपुर ब्लॉक की जोगेंद्रा ग्राम पंचायत के धुर्वाह और सिंगरौली के चितरंगी क्षेत्र में सिधार व सिल्फोरी ग्राम पंचायत के बीच स्थित गुड़हर पहाड़ पर कुंदन गोल्ड कंपनी को सर्वे का जिम्मा मिला था।
लैब टेस्ट में अपेक्षित परिणाम आने के बाद अब गुड़हर में खनन की तैयारी तेज हो गई है। खनन क्षेत्र में आने वाली वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए फरवरी में जनसुनवाई भी कराई गई थी। चिह्नित भूमि के सीमांकन के बाद अलग-अलग हिस्सों में ड्रिलिंग का काम चल रहा है। कंपनी ने वर्ष 2027 की पहली तिमाही में खनन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जरूरी संसाधन और मशीनें भी मौके पर पहुंचने लगी हैं।
चकरिया में भी 23 हेक्टेयर में निकलेगा सोना
हाल ही में गुड़हर के पास चकरिया ग्राम पंचायत में भी सोना निकालने के लिए खनन को मंजूरी मिली है। यहां 23 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन होगा। इसका ठेका गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड को पांच वर्ष के लिए मिला है। कंपनी इस अवधि में 18,356 टन अयस्क की खोदाई कर उससे सोना निकालेगी। चकरिया का गोल्ड ब्लॉक भी यूपी सीमा से सटा हुआ है। यूपी-एमपी को बांटने वाला रेलवे का करेला रोड जंक्शन भी चकरिया में ही है।
यहां भी तलाशी जा रही सोने की संभावना
गुड़हर और चकरिया के अलावा चार अन्य ब्लॉक में भी सोने की संभावना तलाशी जा रही है। इनमें चितरंगी, अमलिहवा, सोनकुड़वा, दूधमनिया शामिल हैं। अमलिहवा और सोनकुड़वा में सर्वे प्रक्रिया जारी है। बता दें कि इससे पहले सोनभद्र जिले में हरदी और सोनपहाड़ी में भी गोल्ड ब्लॉक चिह्नित किए गए थे लेकिन प्रारंभिक सर्वे में अपेक्षित परिणाम न मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। यहां एमपी सीमा पर स्थित म्योरपुर ब्लॉक के धुर्वाह में कुंदन ग्रुप सर्वे कार्य पिछले डेढ़ वर्ष से कर रहा है।
जनवरी-फरवरी में खनन शुरू करने का लक्ष्य
गुड़हर पहाड़ी पर जनवरी-फरवरी में खनन कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। खनन की अनुमति मिल चुकी है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव भेजा गया है। कुछ हिस्से से अतिक्रमण हटाया जाना है और सड़क को डायवर्ट किया जाना है। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। -संजय विश्वकर्मा, एडमिन एक्जीक्यूटिव, कुंदन गोल्ड माइंस।
दो गोल्ड ब्लॉक का टेंडर हो चुका है। चार अन्य ब्लॉकों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। जल्द ही इस पर निर्णय होने की संभावना है। गुड़हर में कुछ औपचारिकताओं के बाद इस साल के अंत तक खनन शुरू करने की स्थिति बन जाएगी। इसके बाद 2027 से खनन कार्य आरंभ होने की उम्मीद है। - अशोक शर्मा, खनन निरीक्षक, सिंगरौली।