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IIT BHU: एआई टूल से साइबर बुलिंग पर लगेगी लगाम, वैज्ञानिक ने तैयार किया सिस्टम; अभद्र शब्दों को करेगा ट्रेस

Tue, 01 Oct 2024 03:09 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 01 Oct 2024 03:09 PM IST
सार

आईआईटी बीएचयू का एआई सॉफ्टवेयर सोशल मीडिया की अभद्र टिप्पणियों पर लगाम लगाएगा। इस सॉफ्टवेयर के जरिये सोशल मीडिया पर अपमानजनक शब्दों को ट्रेस किया जाएगा।  

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AI software at IIT BHU will curb hateful comments
बीएचयू स्थित संगणक अभियंत्रिकी विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईआईटी बीएचयू में सोशल मीडिया प्लेटफार्म की अभद्र टिप्पणी पर लगाम लगाने के लिए एआई सॉफ्टवेयर बनाया गया है। इससे भारत की अलग अलग भाषाओं में होने वाली साइबर बुलिंग पर लगाम लगाई जा सकेगी। ये तकनीक डिजिटल और सोशल मीडिया पर अपमानजनक शब्दों को ट्रेस करेगा। 

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आईआईटी बीएचयू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर नकेल कसने की नई तकनीक निकाली है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) टूल तैयार किया है जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का इस्तेमाल कर बने अमर्यादित वाक्यों और शब्दों को पहचानेगा। इस सिस्टम को वैज्ञानिकों ने कोड मिक्स डाटासेट का नाम दिया गया है।
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इसकी खासियत ये है कि यदि सोशल मीडिया पर रोमन या देवनागरी दोनों लिपियों में कोई गाली-गलौज, अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी की गई है तो ये सिस्टम यूजर्स को पहले ही अलर्ट कर देगा। इससे सोशल मीडिया के विवादों और साइबर क्राइम से बचा जा सकेगा। ये शोध संस्थान के कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविंद्रनाथ चौधरी और उनके शोधार्थियों ने किया। डॉ. चौधरी के शोध छात्र पारस तिवारी ने देवनागरी लिपि और रोमन मिक्स टेक्स्ट का विश्लेषण किया। अभद्र शब्दों और टिप्पणियों को इकट्ठा किया। इसके बाद मशीन लर्निंग टूल की सहायता से इस तकनीक को तैयार किया।
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इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित हुआ शोध

डॉ. चौधरी का कहना है कि इससे भारत की अलग-अलग भाषाओं में होने वाली साइबर बुलिंग पर लगाम लगाई जा सकेगी। अब तक अंग्रेजी भाषा में की गई बुलिंग को डिटेक्ट करने के लिए कई तरह के टूल्स थे। ये पहली बार है जब हिंदी-अंग्रेजी मिक्स अभद्र शब्दों को पकड़ने के लिए एआई टूल तैयार किया गया है। इस शोध को इंटरनेशनल जर्नल स्प्रिंकलर लिंक में प्रकाशित किया गया है।

भारतीय यूजर्स बहुभाषीय हैं, इसलिए पकड़ना दिक्कत है

डॉ. चौधरी ने बताया कि भारत, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल आबादी का घर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग काफी सक्रिय रहते हैं। साइबर बुलिंग (अभद्र साम्रगी) भी सबसे ज्यादा यहां होते हैं। यहां के यूजर्स बहुभाषीय होते हैं, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही मिलीजुली भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं। केवल एक भाषा में अभद्र सामग्री की पहचान करना मुश्किल है लेकिन जब यह मिलीजुली भाषा में होती है तो दिक्कत और भी बढ़ जाती है।
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