{"_id":"140-106304","slug":"Varanasi-106304-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषण से मौत मामले में बुनकरों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषण से मौत मामले में बुनकरों का प्रदर्शन
Varanasi
Updated Wed, 28 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कुपोषण से हो रही मौत के मामले में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के बैनर तले बुनकरों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सभा में वक्ताओं ने सीएमओ पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग जिला प्रशासन से की। इस संबंध में एसीएम चतुर्थ को ज्ञापन सौंपा।
फ्रंट के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभी हाल ही में रहीमपुर की हुस्ना बानो की मौत कुपोषण से हुई थी। इस मौत से स्वास्थ्य विभाग की कलई खुली लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में लगातार कुपोषण से बुनकरों के बच्चों की मौत हो रही है। बावजूद इसके सीएमओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक लीपापोती से प्रदेश सरकार की मंशा उजागर हो रही है। हरीश मिश्र ने कोटवां क्षेत्र में हेल्थ सेंटर खोलने की मांग की। कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को इसके लिए प्रभावी नीति बनाने की आवश्यकता है। पावरलूम बुनकरों की तरह सरकार बिजली समेत अन्य सुविधाओं में रियायत दे। कोटवां में दूषित जलापूर्ति और सिंथेटिक दूध की आपूर्ति बंद कराई जाए। कुपोषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
विज्ञापन
फ्रंट के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभी हाल ही में रहीमपुर की हुस्ना बानो की मौत कुपोषण से हुई थी। इस मौत से स्वास्थ्य विभाग की कलई खुली लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में लगातार कुपोषण से बुनकरों के बच्चों की मौत हो रही है। बावजूद इसके सीएमओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक लीपापोती से प्रदेश सरकार की मंशा उजागर हो रही है। हरीश मिश्र ने कोटवां क्षेत्र में हेल्थ सेंटर खोलने की मांग की। कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को इसके लिए प्रभावी नीति बनाने की आवश्यकता है। पावरलूम बुनकरों की तरह सरकार बिजली समेत अन्य सुविधाओं में रियायत दे। कोटवां में दूषित जलापूर्ति और सिंथेटिक दूध की आपूर्ति बंद कराई जाए। कुपोषण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
विज्ञापन