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मेडल पाकर दमकी सोने सी आभा
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:51 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 39वें दीक्षांत समारोह में एक-एक कर जब मेधावियों को गले में मेडल चमके तो उसकी स्वर्णिम आभा से उनके चेहरे भी दमक उठे। दीक्षांत समारोह में 57 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया। गोल्ड मेडल पाकर एक ओर मेधावियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा तो दूसरी ओर उनके अभिभावकों का सिर भी गर्व से ऊंचा हो गया। इसरो के पूर्व चेयरमैन व जाने माने अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. के राधाकृष्णन और राज्यपाल राम नाईक के हाथों पदक पाकर उनका उत्साह चौगुना हो गया था।
समारोह में सर्वाधिक 59 में से 45 छात्राओं ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इनमें ओवरऑल टॉपर एमबीए की छात्रा शिवानी जायसवाल को सर्वाधिक दो गोल्ड मेडल से नवाजा गया। छात्राओं की सफलता से राज्यपाल गदगद नजर आए। कहा कि महिला सशक्तिकरण हो रहा है और आज काशी विद्यापीठ इसका साक्षी बना है। यहां 57 प्रतिशत उपाधि धारक छात्राएं हैं। गोल्ड मेडल हासिल करने में भी 76 फीसदी हिस्सेदारी छात्राओं की है। कहीं ऐसा न हो कि जिस तरह लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के 33 फीसदी हिस्सेदारी के लिए आरक्षण की मांग की जा रही है, भविष्य में लड़कों को ये आरक्षण मांगने की जरूरत पड़ जाए। इसके पहले मुख्य अतिथि डॉ. के राधाकृष्णन ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आज आप यहां से उपाधि हासिल कर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पंक्ति में खड़े हो गए हैं। वो भी यहां के पुरा छात्र हैं और अब आप भी। अब ये आपका उत्तरदायित्व है कि इस संस्था के मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाएं और आने वाली पीढ़ी के लिए उच्च मानक स्थापित करें। स्वागत कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने किया। संचालन डॉ. बंशीधर पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव ओमप्रकाश ने किया। इसके पहले शैक्षणिक शिष्ट यात्रा निकाली गई। राष्ट्रगान के साथ समारोह का शुभारंभ और समापन हुआ।
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समारोह में सर्वाधिक 59 में से 45 छात्राओं ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इनमें ओवरऑल टॉपर एमबीए की छात्रा शिवानी जायसवाल को सर्वाधिक दो गोल्ड मेडल से नवाजा गया। छात्राओं की सफलता से राज्यपाल गदगद नजर आए। कहा कि महिला सशक्तिकरण हो रहा है और आज काशी विद्यापीठ इसका साक्षी बना है। यहां 57 प्रतिशत उपाधि धारक छात्राएं हैं। गोल्ड मेडल हासिल करने में भी 76 फीसदी हिस्सेदारी छात्राओं की है। कहीं ऐसा न हो कि जिस तरह लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के 33 फीसदी हिस्सेदारी के लिए आरक्षण की मांग की जा रही है, भविष्य में लड़कों को ये आरक्षण मांगने की जरूरत पड़ जाए। इसके पहले मुख्य अतिथि डॉ. के राधाकृष्णन ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आज आप यहां से उपाधि हासिल कर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पंक्ति में खड़े हो गए हैं। वो भी यहां के पुरा छात्र हैं और अब आप भी। अब ये आपका उत्तरदायित्व है कि इस संस्था के मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाएं और आने वाली पीढ़ी के लिए उच्च मानक स्थापित करें। स्वागत कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने किया। संचालन डॉ. बंशीधर पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव ओमप्रकाश ने किया। इसके पहले शैक्षणिक शिष्ट यात्रा निकाली गई। राष्ट्रगान के साथ समारोह का शुभारंभ और समापन हुआ।
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