फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   140 करोड़ खर्च फिर भी खुले में शौच

140 करोड़ खर्च फिर भी खुले में शौच

Mon, 20 Aug 2018 12:36 AM IST
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
140 करोड़ खर्च फिर भी खुले में शौच
ज्ञानपुर। जिले में स्वच्छ भारत मिशन की मुहिम परवान नहीं चढ़ पा रही है। शौचालय निर्माण पर करीब 140 करोड़ रुपए खर्च के बाद भी जिला खुले में शौच से मुक्त नहीं हो सका। प्रशासन की लापरवाही और सेक्रेटरी व प्रधान की मनमानी के कारण योजना धराशायी हो रही है। कहीं आधे-अधूरे शौचालय बना कर कोरम पूरा कर दिया गया है तो कहीं शौचालय होने के बाद भी लोग खुले में शौच जा रहे हैं। वहीं, दो अक्तूबर तक जिले को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन 25 हजार शौचालयों का निर्माण अभी बाकी है। ऐसे में 40 दिन में इतने शौचालय बनवाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। देश को स्वच्छ बनाने की मुहिम तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। इसके पहले चरण में नगर से लेकर गांव तक को खुले में शौच से मुक्त करने का किया गया। सरकार की ओर से इसको प्रभावी बनाने के लिए युद्ध स्तर पर बजट देने के साथ ही निगरानी की गई। जिले में दो लाख 39 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य तय हुआ। जिसमें 2012 के पूर्व आधे अधूरे बने 66 हजार शौचालयों को भी शामिल कर लिया गया। 2012 से लेकर 19 अगस्त 2018 तक करीब एक लाख 60 हजार शौचालय बनाने का दावा जिला प्रशासन कर रहा है, जिनमें गंगा से सटे 89 राजस्व गांवों में दो साल पहले ही शौचालय बन चुके हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 1091 राजस्व गांव में अब तक 650 गांव ओडीएफ यानि खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं जबकि 441 गावों को दो अक्टूबर तक ओडीएफ करना है। विभागीय आंकड़ों में अब मात्र 25 हजार शौचालयों का निर्माण करना है जबकि हकीकत इससे इतर है। शौचालय निर्माण पर तकरीबन 140 करोड़ से अधिक रकम खर्च की जा चुकी है। ओडीएफ गांवों में ज्ञानपुर के चकसहाब, हरिहरपुर, डीघ में कौलापुर, कलनुआ, भदोही के रेवड़ा परसपुर, रामपुर, वेदमनपुर औराई में लक्षमणिया, परानापुर, हरिनारायणपुर, कुनबीपुर, नारायणपुर, अभोली में अभोली, आनंदडीह, श्रीपुर, सुरियावां में कोछिया, कोल्हुआ पांडेयपुर, बलभद्रपुर, नरोत्तमपुर समेत अन्य गांव शामिल है। इन गावों में हकीकत काफी जुदा है। जागरूक करने के लिए लाखों रुपये स्वच्छाग्राहियों के प्रशिक्षण आदि पर खर्च हो गए पर रिजल्ट शून्य ही दिख रहा है। खास बात यह है कि जिन पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है, वहां भी खुले में शौच की समस्या बनी हुई है। यह बात अलग है कि सरकारी दस्तावेज उन में ऐसी ग्राम पंचायतों को खुले मुक्त की श्रेणी में रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed