जुआ खेलने का नया जुगाड़: 10 लाख रुपये के साथ 47 लोग अरेस्ट, कमरे में बाहर से ताला; अंदर लाखों की बाजी लगती
सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा में बंद मकान के अंदर चल रहे जुए के अड्डे का पुलिस और एसओजी-2 ने खुलासा किया। तीन-चार दिन निगरानी के बाद छापेमारी कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौके से करीब 10 लाख रुपये, वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद हुआ।
विस्तार
सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में बंद मकान के अंदर चल रहे जुए के अड्डे का पुलिस और एसओजी-2 की संयुक्त टीम ने खुलासा किया है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए मौके से 47 लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान करीब 10 लाख रुपये नकद, कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, रथयात्रा क्षेत्र स्थित मकान को बाहर से बंद रखा जाता था। मकान के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा रहता था, जबकि अंदर जुआ खिलाया जाता था। इस गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसओजी-2 की टीम ने पहले मौके की निगरानी शुरू की। करीब तीन से चार दिन तक टीम ने इलाके में नजर रखी और मकान में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मकान पर छापा मारा। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान टीम ने 47 लोगों को मौके से पकड़ लिया। तलाशी के दौरान करीब 10 लाख रुपये नकद के अलावा कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मकान को विशाल सिंह ने लीज पर लिया था। इसी मकान से जुए के संचालन की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जुए के अड्डे का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों के बारे में पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जुए के संचालन में और कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान के अनुसार, मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रकरण में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।