{"_id":"5a11ea5c4f1c1b74698bcb61","slug":"181511123548-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के लिए गढ़ बचाने की चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के लिए गढ़ बचाने की चुनौती
Updated Mon, 20 Nov 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। भाजपा के लिए अपने ही गढ़ में खड़ी हुईं चुनौतियों ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निकाय चुनाव के टिकट बंटवारे से पार्टीजनों में अंदरखाने उपजी नाराजगी ने प्रदेश ही नहीं, केंद्रीय नेतृत्व तक को चिंता में डाल दिया है। प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते पार्टी नेतृत्व यहां किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं चाहता। वहीं, नगर निगम बनने के बाद से अब तक हर बार जीत हासिल करने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड को कायम रखने की पार्टी की रणनीति भी कसौटी पर है।
पीएमओ से आए फोन के बाद कानपुर का दौरा बीच में छोड़ शनिवार की देर रात अचानक काशी पहुंचे प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने पार्टीजनों से लंबी मंत्रणा की। कुछ घंटों में ही वह यहां से वापस लौट गए लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो उनके इस दौरे में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के लिए अब सब कुछ भुलाकर पार्टी की जीत के लिए एकजुट प्रयास का उनका संदेश साफ था।
मंत्रणा के दौरान उन्होंने महापौर के साथ ही वार्ड प्रत्याशियों का फीडबैक लिया। सूत्रों का दावा है कि नगर निगम में कई वार्डों में भाजपा की सीटें फंसने सहित टिकट बंटवारे में जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह न दिए जाने सहित कई शिकायतें हुईं। दरअसल, निकाय चुनाव के टिकट वितरण के लिए जो व्यवस्था बनाई गई थी, उसके तहत मात्र 40 प्रतिशत लोगों को ही टिकट मिल पाया। कई सीटों के टिकट सीधे प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से तय कर लिए गए। टिकट की इस जोड़तोड़ से मायूस जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंदर ही अंदर नाराज हैं। कुछ तो खुलकर विरोध में उतर गए हैं। पार्टी नेतृत्व तक इसकी सूचना पहुंचने के बाद अब स्थिति संभालने के लिए दिग्गजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले पांच दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री कलराज मिश्र यहां आकर पार्टी के लिए जीत की जमीन तैयार करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएमओ से आए फोन के बाद कानपुर का दौरा बीच में छोड़ शनिवार की देर रात अचानक काशी पहुंचे प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने पार्टीजनों से लंबी मंत्रणा की। कुछ घंटों में ही वह यहां से वापस लौट गए लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो उनके इस दौरे में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के लिए अब सब कुछ भुलाकर पार्टी की जीत के लिए एकजुट प्रयास का उनका संदेश साफ था।
विज्ञापन
मंत्रणा के दौरान उन्होंने महापौर के साथ ही वार्ड प्रत्याशियों का फीडबैक लिया। सूत्रों का दावा है कि नगर निगम में कई वार्डों में भाजपा की सीटें फंसने सहित टिकट बंटवारे में जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह न दिए जाने सहित कई शिकायतें हुईं। दरअसल, निकाय चुनाव के टिकट वितरण के लिए जो व्यवस्था बनाई गई थी, उसके तहत मात्र 40 प्रतिशत लोगों को ही टिकट मिल पाया। कई सीटों के टिकट सीधे प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से तय कर लिए गए। टिकट की इस जोड़तोड़ से मायूस जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अंदर ही अंदर नाराज हैं। कुछ तो खुलकर विरोध में उतर गए हैं। पार्टी नेतृत्व तक इसकी सूचना पहुंचने के बाद अब स्थिति संभालने के लिए दिग्गजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले पांच दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री कलराज मिश्र यहां आकर पार्टी के लिए जीत की जमीन तैयार करेंगे।
विज्ञापन