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फर्जी आईडी मामले का नहीं हो सका खुलासा
Updated Sat, 09 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल की फेसबुक आईडी बनाकर अभद्र टिप्पणी करने के मामले का 25 दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। 15 नवंबर को किसी ने फेक आईडी बनाकर बिरला छात्रावास में रहने वाले एक छात्र पर टिप्पणी की थी। इस मामले में लंका पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया और आईआईटी प्रशासन ने भी जांच कराने की बात कही थी लेकिन अब तक ये हीं नहीं पता नहीं चल सका कि आखिर फेक आईडी किसने बनाई थी।
आईआईटी में 10 नवंबर की शाम छह बजे होने वाली म्यूजिकल नाइट का बीएचयू के छात्रों ने विरोध पर रद्द किए जाने के बाद से ही आईआईटी और बीएचयू छात्रों के बीच माहौल तल्ख बना हुआ था। इसी बीच 15 नवंबर की शाम करीब 5.30 बजे बीएचयू के छात्र आशुतोष ने फेसबुक पर आईआईटी में होने वाली गतिविधियों को लेकर टिप्पणी करते हुए निदेशक पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद ही आईआईटी निदेशक की फेसबुक आईडी से अभद्र टिप्पणी जवाब में पोस्ट की गई।
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आईआईटी में 10 नवंबर की शाम छह बजे होने वाली म्यूजिकल नाइट का बीएचयू के छात्रों ने विरोध पर रद्द किए जाने के बाद से ही आईआईटी और बीएचयू छात्रों के बीच माहौल तल्ख बना हुआ था। इसी बीच 15 नवंबर की शाम करीब 5.30 बजे बीएचयू के छात्र आशुतोष ने फेसबुक पर आईआईटी में होने वाली गतिविधियों को लेकर टिप्पणी करते हुए निदेशक पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद ही आईआईटी निदेशक की फेसबुक आईडी से अभद्र टिप्पणी जवाब में पोस्ट की गई।
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