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ओपीडी में पहुंचे चिकित्सा अधीक्षक, जानी व्यवस्था 0
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने गुरुवार को ओपीडी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरे को पिछले तीन अप्रैल को सर्जरी विभाग की ओपीडी में छात्र और जूनियर डॉक्टर के बीच घटी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान उन्होंने तैनात चिकित्सकों के साथ ही कर्मचारियों से बातचीत कर मरीजों का हर संभव मदद करने की बात कही।
अस्पताल में कभी ओपीडी में मरीज दिखाने तो कभी जांच कराने को लेकर मारपीट की घटना अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। इस बीच तीन अप्रैल को जिस तरह से जूनियर डॉक्टरों ने शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश की पिटाई और फिर चार से छह अप्रैल तक हड़ताल पर चले गए। उसके बाद से तो तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गुरुवार को सुबह अस्पताल की ओपीडी में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर व्यवस्था का जायजा लेने आ सकते हैं। इस बीच सुबह करीब 10 बजे चिकित्सा अधीक्षक ने इमरजेंसी, सर्जरी विभाग की ओपीडी हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, चर्म रोग, इंडोक्रोनोलॉजी सहित अन्य विभागों का दौरा कर ओपीडी में मरीजों का नंबर लगाने, दिखाए जाने, जांच आदि के बारे में जानकारी ली। बताया कि अस्पताल में जल्द ही ओपीडी के बाहर टीबी स्क्रीन लगवा दिया जाएगा, जिससे कि मरीजों को उनका नंबर दिख सके और किसी तरह की परेशानी न हो। बताया कि निरीक्षण का यह क्रम जारी रहेगा।
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आज जनरल वार्ड में शिफ्ट हो सकते हैं हिसामुद्दीन
बहरीन स्थित भारतीय दूतावास में कार्यरत मऊ निवासी मो. हिसामुद्दीन की सेहत में तेजी से सुधार हो गया है। गुरुवार को उसे आईसीयू में जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाना था लेकिन गुरुवार को भी उसे आईसीयू में ही रहना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो हिसामुद्दीन को शुक्रवार को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। मऊ के रसूलपुर निवासी हिसामुद्दीन को ब्रेन हैमरेज होने के बाद उनका इलाज पहले बहरीन में चला। बाद में परिवारीजनों के इच्छानुसार उन्हें दिल्ली लाया गया। यहां आने के बाद हिसामुद्दीन ने दिल्ली के बजाय बीएचयू में इलाज कराने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उसे पुलिस प्रशासन की निगरानी में बीएचयू अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया।
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अस्पताल में कभी ओपीडी में मरीज दिखाने तो कभी जांच कराने को लेकर मारपीट की घटना अस्पताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। इस बीच तीन अप्रैल को जिस तरह से जूनियर डॉक्टरों ने शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र आकाश की पिटाई और फिर चार से छह अप्रैल तक हड़ताल पर चले गए। उसके बाद से तो तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। गुरुवार को सुबह अस्पताल की ओपीडी में किसी ने यह अफवाह फैला दी कि कुलपति प्रो. राकेश भटनागर व्यवस्था का जायजा लेने आ सकते हैं। इस बीच सुबह करीब 10 बजे चिकित्सा अधीक्षक ने इमरजेंसी, सर्जरी विभाग की ओपीडी हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, चर्म रोग, इंडोक्रोनोलॉजी सहित अन्य विभागों का दौरा कर ओपीडी में मरीजों का नंबर लगाने, दिखाए जाने, जांच आदि के बारे में जानकारी ली। बताया कि अस्पताल में जल्द ही ओपीडी के बाहर टीबी स्क्रीन लगवा दिया जाएगा, जिससे कि मरीजों को उनका नंबर दिख सके और किसी तरह की परेशानी न हो। बताया कि निरीक्षण का यह क्रम जारी रहेगा।
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आज जनरल वार्ड में शिफ्ट हो सकते हैं हिसामुद्दीन
बहरीन स्थित भारतीय दूतावास में कार्यरत मऊ निवासी मो. हिसामुद्दीन की सेहत में तेजी से सुधार हो गया है। गुरुवार को उसे आईसीयू में जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाना था लेकिन गुरुवार को भी उसे आईसीयू में ही रहना पड़ा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो हिसामुद्दीन को शुक्रवार को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा। मऊ के रसूलपुर निवासी हिसामुद्दीन को ब्रेन हैमरेज होने के बाद उनका इलाज पहले बहरीन में चला। बाद में परिवारीजनों के इच्छानुसार उन्हें दिल्ली लाया गया। यहां आने के बाद हिसामुद्दीन ने दिल्ली के बजाय बीएचयू में इलाज कराने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद उसे पुलिस प्रशासन की निगरानी में बीएचयू अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया।
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