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Varanasi News: 10 लाख के जाली नोट रखने के आरोपी को 10 साल की सजा -

Fri, 31 Mar 2023 09:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Mar 2023 09:51 PM IST
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10 years imprisonment for the accused of possessing fake notes of 10 lakhs
पेज चार लीड--- कोर्ट की तीन खबरें
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10 लाख के जाली नोट रखने के आरोपी को 10 साल की सजा
- एटीएस ने गया निवासी अभियुक्त को नवंबर 2012 में किया था गिरफ्तार
- वाराणसी में खपाना था जाली नोट

माई सिट रिपोर्टर

वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने 10 लाख रुपये के जाली नोट की बरामदगी के कैंट थाने के मामले में अभियुक्त बिहार के गया निवासी प्रभात कुमार अग्रवाल को दोषी पाया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी ओंकार नाथ तिवारी के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक एटीएस पूर्वी जोन अनुराग दर्शन ने 29 नवंबर 2012 को कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि भारतीय अर्थव्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने के लिए जाली नोट के लेनदेन किया जाना था। सूचना के आधार पर ही होटल इंडिया के पास घेराबंदी की गई। इस बीच एक युवक बैग लेकर जाता दिखा। युवक को पकड़ कर छानबीन की गई तो जाली नोटों का जखीरा बरामद हुआ है। आरोपी ने अपना नाम प्रभात कुमार अग्रवाल निवासी गया बताया। प्रभात के बैग से एक हजार के 850 और 500 के 300 जाली नोट बरामद किए गए। अदालत ने कहा कि स्पष्ट रूप से जाली नोटों को वाराणसी में खपाने का उसका उद्देश्य था। अभियोजन ने सजा के बिंदु पर कहा कि प्रभात जाली नोटों के कारोबार में कई वर्षों से संलिप्त था। उसे कठोरतम दंड दिया जाए। ऐसे में अभियुक्त को 10 वर्ष की कड़ी कैद की सजा सुनाई गई।
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महिला को लाठी-डंडों से पीटने में दोषी करार, तीन साल की सजा
- एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया
संवाद न्यूज एजेंसी



वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने महिला काे लाठी-डंडे से पीटकर घायल करने के मामले में जैतपुरा थाना क्षेत्र के बकरियाकुंड के इमरान को दोषी ठहराया है। साथ ही तीन वर्ष की सजा सुनाई है। चार हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दूसरी तरफ, साक्ष्यों के अभाव में उसके भाई । जुल्फेकार को दोषमुक्त कर दिया गया।
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अभियोजन की तरफ से एडीजीसी ओंकार नाथ तिवारी और आरोपी जुल्फेकार की तरफ से अधिवक्ता विकास यादव, श्वेतांक पांडेय व रोहिणी सिंह ने अदालत में पक्ष रखा।अभियोजन के अनुसार, वादी फुरकान अहमद ने 11 मार्च 2012 को जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि संपत्ति विवाद में उसकी बहन को लाठी-डंडे और लात-घूंसे से पीटा गया। इस मामले में अदालत के आदेश पर इमरान, जुल्फेकार और मुख्तार के खिलाफ भी गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान मुख्तार की मौत हो गई थी। जुल्फेकार को दोषमुक्त करार दिया गया है।

पूर्व विधायक गोरख पासवान को नहीं मिली राहत
- तीन माह की सजा के खिलाफ अपील खारिज, 11 साल पहले रोकी थी ट्रेन

माई सिटी रिपोर्टर

वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवनीश गौतम की अदालत ने बेल्थरा रोड (बलिया) से सपा के पूर्व विधायक गोरख पासवान की तरफ से तीन माह की सजा के खिलाफ दाखिल अपील खारिज कर दी। अदालत ने एसीजेएम षष्टम के आठ अगस्त 2022 के निर्णय को पुष्ट करते हुए अभियुक्त को संबंधित अदालत में सात अप्रैल को हाजिर होने का आदेश दिया है।
अभियोजन का पक्ष एडीजीसी विनय सिंह ने रखा। अपीलीय अदालत ने कहा कि अभियुक्त ने ऐसा कोई साक्ष्य नहीं दिया, जिसमें कहा गया हो कि उसने जनता को नहीं भड़काया या फिर उन्हें समझा-बुझाकर घटनास्थल से हटाया गया। अभियुक्त घटनास्थल पर मौजूद था और जनता का नेतृत्व कर रहा था। ऐसे में स्वीकृत तथ्य को साबित करने की आवश्यकता नहीं है। अवर न्यायालय के आदेश में कोई त्रुटि नहीं है।अभियुक्त ने अवर अदालत के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील में गोरख पासवान ने कहा था कि साक्ष्य पर आधारित सजा नहीं सुनाई गई बल्कि, भावनात्मक आधार पर सजा सुनाई गई। घटनास्थल पर पहले से भीड़ थी। इसकी जानकारी पाकर वह मौके पर पहुंचा और भीड़ को समझा-बुझाकर हटाने का प्रयास भी किया। अपीलीय अदालत ने कहा कि आरोप के विरुद्ध कथित भूमिका को साबित करने का भार अभियुक्त पर था, जिसे वह साबित नहीं कर सका। इसलिए अवर न्यायालय की सजा पुष्ट की जाती है।

ये था मामला
मऊ जीआरपी की तरफ से इस मामले में अभियुक्त पर आरोप था कि 16 अप्रैल 2012 को सुबह 8:42 से 9 बजे तक रेलवे फाटक के निर्माण की मांग को लेकर रेलवे के वर्जित क्षेत्र में लगभग 100 लोगों के साथ 15104 डाउन ट्रेन को रोका गया। इससे रेलवे के कामकाज में बाधा पैदा हुई। इस मामले में अवर न्यायालय ने रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत अभियुक्त को तीन माह की अधिकतम सजा और सात हजार रुपये के जुर्माने से आठ अगस्त 2022 को दंडित किया था।
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