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बिहार दुष्कर्म कांड: पीड़िता के परिवार को पक्के आवास की मिली स्वीकृति
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उन्नाव। बिहार थानाक्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ देने की शासन ने मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी एक ही आवास का लाभ देने की स्वीकृति प्रदेश सरकार से मिली है। दूसरा आवास बाद में मिलने की बात कही जा रही है।
5 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री के आने तक शव का अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी थी। बाद में कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने परिजनों से वार्ता की थी। जिसमें परिजनों में पिता व भाई के नाम अलग-अलग दो आवास, भाई को शस्त्र लाइसेंस, मृतका की बड़ी बहन को सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया था। साथ ही परिजनों को जल्द मुख्यमंत्री से मिलवाने की भी बात कही थी। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया था। जिला प्रशासन ने मृतका के पिता व भाई को मुख्यमंत्री आवास देने की कार्रवाई के तहत दो आवास का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इस मामले में शासन ने पीड़िता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता दी थी। घटना के लगभग 20 दिन बाद प्रदेश सरकार ने मृतका के परिवार को एक आवास देने की स्वीकृति दे दी है।
मुख्यमंत्री आवास योजना में ग्रामीण को पक्के छत के लिए तीन किस्तों में 120000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को 182 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी 16380 रुपये और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
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जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से अभी एक आवास की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत परिवार के एक सदस्य के खाते में पैसा भेजा जाएगा। परिजन ही आवास बनाएंगे। जैसे ही दूसरे आवास की स्वीकृति मिलेगी, वैसे ही उसका भी पैसा परिवार के सदस्य के खाते में भेज दिया जाएगा।
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5 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री के आने तक शव का अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी थी। बाद में कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने परिजनों से वार्ता की थी। जिसमें परिजनों में पिता व भाई के नाम अलग-अलग दो आवास, भाई को शस्त्र लाइसेंस, मृतका की बड़ी बहन को सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया था। साथ ही परिजनों को जल्द मुख्यमंत्री से मिलवाने की भी बात कही थी। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया था। जिला प्रशासन ने मृतका के पिता व भाई को मुख्यमंत्री आवास देने की कार्रवाई के तहत दो आवास का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इस मामले में शासन ने पीड़िता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता दी थी। घटना के लगभग 20 दिन बाद प्रदेश सरकार ने मृतका के परिवार को एक आवास देने की स्वीकृति दे दी है।
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मुख्यमंत्री आवास योजना में ग्रामीण को पक्के छत के लिए तीन किस्तों में 120000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को 182 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी 16380 रुपये और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
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जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से अभी एक आवास की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत परिवार के एक सदस्य के खाते में पैसा भेजा जाएगा। परिजन ही आवास बनाएंगे। जैसे ही दूसरे आवास की स्वीकृति मिलेगी, वैसे ही उसका भी पैसा परिवार के सदस्य के खाते में भेज दिया जाएगा।