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स्टेट बैंक आफ पटियाला का नहीं खुला ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 05 Jun 2015 12:38 AM IST
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उन्नाव। विभिन्न मांगों को लेकर स्टेट बैंक आफ पटियाला के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक का ताला नहीं खुला। इससे बैंक की चारों शाखाओं में लगभग दो करोड़ रुपये की क्लीयरिंग ठप होने की बात कही जा रही है। लेन-देन समेत अन्य कार्यों के लिए बैंक आने वाले ग्राहकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
यूपी बैंक इंप्लाइज उन्नाव यूनिट के नेतृत्व में स्टेट बैंक आफ पटियाला की चारों शाखाओं के कर्मचारियों ने बैंक गेट पर प्रदर्शन किया। यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने बाबूगंज स्थित बैंक शाखा पर प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगे दोहराई। प्रमुख मांगों में स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों को उससे अलग रखा जाए।
प्रबंधन द्वारा मजदूर विरोधी नीतियां अपनाई जा रही हैं। इसी नीति के तहत स्टेट बैंक बीकानेर जयपुर, स्टेट बैंक त्रावणकोर, स्टेट बैंक आफ मैसूर, स्टेट बैंक आफ हैदराबाद व स्टेट बैंक आफ पटियाला में अपनी शर्तें थोप रहा है। स्टेट बैंक आफ पटियाला के मंत्री अरविंद यादव ने बताया कि सहयोगी बैंकों को स्टेट बैंक से अलग किया जाए। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधित्व के अधिकार का अवरोध खत्म किया जाए। हाउसिंग लोन व ओडी की सीमा बढ़ाई जाए। प्रदर्शन करने वालों में अंकुर द्विवेदी, बुधवीर सिंह, विनोद शुक्ल, पीएन सिंह, आलोक वर्मा, विनयशील द्विवेदी, चन्द्रकेतु नारायण, शिवभोला आदि शामिल रहे।
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यूपी बैंक इंप्लाइज उन्नाव यूनिट के नेतृत्व में स्टेट बैंक आफ पटियाला की चारों शाखाओं के कर्मचारियों ने बैंक गेट पर प्रदर्शन किया। यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने बाबूगंज स्थित बैंक शाखा पर प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगे दोहराई। प्रमुख मांगों में स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों को उससे अलग रखा जाए।
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प्रबंधन द्वारा मजदूर विरोधी नीतियां अपनाई जा रही हैं। इसी नीति के तहत स्टेट बैंक बीकानेर जयपुर, स्टेट बैंक त्रावणकोर, स्टेट बैंक आफ मैसूर, स्टेट बैंक आफ हैदराबाद व स्टेट बैंक आफ पटियाला में अपनी शर्तें थोप रहा है। स्टेट बैंक आफ पटियाला के मंत्री अरविंद यादव ने बताया कि सहयोगी बैंकों को स्टेट बैंक से अलग किया जाए। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधित्व के अधिकार का अवरोध खत्म किया जाए। हाउसिंग लोन व ओडी की सीमा बढ़ाई जाए। प्रदर्शन करने वालों में अंकुर द्विवेदी, बुधवीर सिंह, विनोद शुक्ल, पीएन सिंह, आलोक वर्मा, विनयशील द्विवेदी, चन्द्रकेतु नारायण, शिवभोला आदि शामिल रहे।
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