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जिला पंचायत सदस्यों को सुरक्षा देने पर सियासत
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असोहा तृतीय से निर्वाचि जिला पंचायत सदस्य सुंदारा देवी की सुरक्षा में तैनात शस्त्र पुलिस जवान।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। जिला पंचायत सदस्यों की सुरक्षा के लिए शासन की ओर से दो-दो गनर देने पर सियासत शुरू हो गई है। सपा ने इसे निजता का हनन बताया है। सपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि उनके 19 में से 10 सदस्यों ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। एसपी का कहना है कि सुरक्षा न लेने वाले सदस्य लिखित में दें तो उनके गनर हटा लिए जाएंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार जुलाई को मतदान होना है। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को वोट के लिए कोई प्रत्याशी या नेता दबाव न बना सकें और किसी प्रकार के विवाद से बचाने के लिए शासन के निर्देश पर एसपी आनंद कुलकर्णी ने जिले के सभी 51 सदस्यों को दो-दो गनर दिए हैं। पुलिस के यह जवान चुनाव होने तक सदस्यों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। हालांकि इसे लेकर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने इसे सरकार द्वारा प्रशासन के माध्यम से जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव में लेने वाला कदम बताया। दावा किया कि सपा समर्थित 19 में से 10 सदस्यों ने पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। कहा कि अगर सुरक्षा की इतनी फिक्र थी तो निर्वाचित होने पर ही सुरक्षा दे दी जाती। सिर्फ चुनाव तक ही क्यों, पूरे कार्यकाल के लिए दी जाती तो बात समझ में आती।
एसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि सभी 51 जिला पंचायत सदस्यों के लिए प्रत्येक की सुरक्षा में दो-दो पुलिस जवान लगा दिए गए हैं। अगर कोई सदस्य नहीं लेना चाहतें तो वह लिखकर दें कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसलिए वह सुरक्षा नहीं लेना चाहते। ऐसा लिखित में देने पर सुरक्षा वापस ले जाएगी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार जुलाई को मतदान होना है। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों को वोट के लिए कोई प्रत्याशी या नेता दबाव न बना सकें और किसी प्रकार के विवाद से बचाने के लिए शासन के निर्देश पर एसपी आनंद कुलकर्णी ने जिले के सभी 51 सदस्यों को दो-दो गनर दिए हैं। पुलिस के यह जवान चुनाव होने तक सदस्यों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। हालांकि इसे लेकर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने इसे सरकार द्वारा प्रशासन के माध्यम से जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव में लेने वाला कदम बताया। दावा किया कि सपा समर्थित 19 में से 10 सदस्यों ने पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। कहा कि अगर सुरक्षा की इतनी फिक्र थी तो निर्वाचित होने पर ही सुरक्षा दे दी जाती। सिर्फ चुनाव तक ही क्यों, पूरे कार्यकाल के लिए दी जाती तो बात समझ में आती।
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एसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि सभी 51 जिला पंचायत सदस्यों के लिए प्रत्येक की सुरक्षा में दो-दो पुलिस जवान लगा दिए गए हैं। अगर कोई सदस्य नहीं लेना चाहतें तो वह लिखकर दें कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसलिए वह सुरक्षा नहीं लेना चाहते। ऐसा लिखित में देने पर सुरक्षा वापस ले जाएगी।
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