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ग्राम प्रधान ने फांसी लगा जान दी
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:41 PM IST
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घटना स्थल पर मौजूद भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में नगर के बाहर एक खेत में हरदोई जिले की माधौगंज की ग्राम पंचायत परनखा के ग्राम प्रधान का शव फांसी के फंदे से लटकता मिला। परिजनों के मुताबिक वह काफी समय मानसिक रूप से बीमार थे। मृतक की मां व भाई करीब बाइस दिन कोतवाली की फैजुल्लाशाह की मजार पर झाड़फूंक करा रहे थे। इसके चलते परिजन यहीं रुके थे।
हरदोई जिले के ब्लाक माधौगंज की ग्राम पंचायत परनखा के मौजूदा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार कटियार (40) पुत्र रामऔतार कटियार कई माह से बीमार थे। लंबा इलाज चलने के बाद भी सुधार न होने पर परिजन अंधविश्वास में पड़ गए और उन्हें बहलोलपुर मार्ग स्थित फैजुल्लाशाह की मजार लेकर आए। तब से सर्वेश का यहीं पर थे। सर्वेश के साथ मां लज्जावती व भाई अरविंद कुमार कटियार भी रह रहे थे। सोमवार सुबह सर्वेश अचानक लापता हो गया। भाई और मां ने उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन पता नहीं लगा।
सुबह करीब नौ बजे मजार से करीब पांच सौ मीटर दूर सर्वेश का शव आम के पेड़ में पैंट से लटकता हुआ ग्रामीणों ने देखा। ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर मृतक की मां व भाई भी पहुंचे और शव की पहचान की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई अरविंद ने बताया कि पिता रामऔतार विकलांग हैं। मृतक की पत्नी का नाम उर्मिला है।
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परिजनाें की जिद पर शव को ले जाया गया मजार
मृतक के परिजन अंधविश्वास में इस कदर जकड़े रहे कि उन्होंने पुलिस से शव को मजार पर ले चलने के लिए कहा। पुलिस के मना करने पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मृतक की मां लज्जावती का कहना था कि मजार पर चलने से बेटा सही हो जाएगा। मां की जिद के आगे पुलिस भी बेबस नजर आई और शव को मजार पर ले जाया गया। परिजनों ने यहां करीब घंटे भर इंतजार किया। बाद में परिजनों ने ढोंग का आरोप लगाते हुए मौके पर मौजूद लोगों को खूब खरीखोटी सुनाई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हरदोई जिले के ब्लाक माधौगंज की ग्राम पंचायत परनखा के मौजूदा ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार कटियार (40) पुत्र रामऔतार कटियार कई माह से बीमार थे। लंबा इलाज चलने के बाद भी सुधार न होने पर परिजन अंधविश्वास में पड़ गए और उन्हें बहलोलपुर मार्ग स्थित फैजुल्लाशाह की मजार लेकर आए। तब से सर्वेश का यहीं पर थे। सर्वेश के साथ मां लज्जावती व भाई अरविंद कुमार कटियार भी रह रहे थे। सोमवार सुबह सर्वेश अचानक लापता हो गया। भाई और मां ने उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन पता नहीं लगा।
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सुबह करीब नौ बजे मजार से करीब पांच सौ मीटर दूर सर्वेश का शव आम के पेड़ में पैंट से लटकता हुआ ग्रामीणों ने देखा। ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर मृतक की मां व भाई भी पहुंचे और शव की पहचान की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के भाई अरविंद ने बताया कि पिता रामऔतार विकलांग हैं। मृतक की पत्नी का नाम उर्मिला है।
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परिजनाें की जिद पर शव को ले जाया गया मजार
मृतक के परिजन अंधविश्वास में इस कदर जकड़े रहे कि उन्होंने पुलिस से शव को मजार पर ले चलने के लिए कहा। पुलिस के मना करने पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मृतक की मां लज्जावती का कहना था कि मजार पर चलने से बेटा सही हो जाएगा। मां की जिद के आगे पुलिस भी बेबस नजर आई और शव को मजार पर ले जाया गया। परिजनों ने यहां करीब घंटे भर इंतजार किया। बाद में परिजनों ने ढोंग का आरोप लगाते हुए मौके पर मौजूद लोगों को खूब खरीखोटी सुनाई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।