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Unnao News: अंश निर्धारण बना बवाल-ए-जान, चढ़ा दिया गलत रकबा
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उन्नाव। खतौनी में अंश निर्धारण की प्रक्रिया तहसील अफसरों व कर्मियों की लापरवाही से लोगों के लिए बवाल-ए-जान बन गई है। एक तरफ जहां महीनों से चल रही प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है। वहीं जहां पूरी हो गई है, वहां के कुछ गांवों में खातेदारों के गाटा संख्या पर गलत रकबा चढ़ा दिया गया है। इससे लोगों में सिर फुटव्वल की नौबत बन रही है। लोग सुधार के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं।
अभी तक तहसील से जारी होने वाली खतौनी में कई लोगों का नाम तो होते हैं लेकिन इसमें किसकी कितनी जमीन है, इसका उल्लेख नहीं होता है। ऐसे में कई बार वरासत भी गलत हो जाती है। इसमें ही अंश निर्धारण के जरिए सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है। मार्च 2024 से प्रक्रिया शुरू हुई और करीब आठ बीत बीतने वाले हैं लेकिन जिले की छह तहसीलों में किसी में भी काम पूरा नहीं हो सका है। खतौनी में अंश निर्धारण न होने की वजह से राजस्व मुकदमों की हजारों फाइलें तहसील न्यायालयों में लंबित हैं। इसके अलावा जमीन की खरीद बिक्री को लेकर दाखिल खारिज नहीं हो रहा है।
इसके आदेश भी ऑनलाइन नहीं चढ़ पा रहे हैं। इन आदेशों की संख्या भी हजारों में है। वहीं दूसरी ओर जिन गांवों में काम पूरा हो गया है, उनमें राजस्व कर्मियों ने जल्दबाजी में गलत रकबा चढ़ा दिया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जहां शासन की अंश निर्धारण प्रक्रिया से गांवों में जमीन विवाद खत्म करने की योजना थी, वहीं, कर्मियों के काम में बरती जा रही लापरवाही और खानापूरी से स्थिति और खराब होने लगी है।
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केस-एक
हसनगंज बीबीपुर चिरियारी की मिश्री देवी ने बताया कि गाटा संख्या 898 में पौने नौ बिस्वा जमीन थी लेकिन लेखपाल ने गलत अंश निर्धारण कर मात्र एक बिस्वा ही जमीन चढ़ाई। अब वह सही कराने के लिए तहसील की दौड़ लगा रही है। एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर अंश निर्धारण सही कराने की गुहार लगाई है।
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केस-दो
शिवदर्शनखेड़ा मजरा रानीपुर निवासी रामभजन ने बताया कि गाटा संख्या 154 का रकबा करीब पौने पांच बीघे का है, जिसमें दो सह खातेदार हैं। करीब ढाई बीघा जमीन एक के हिस्से में है लेकिन लेखपाल ने अंश निर्धारण गलत दर्ज कर मात्र एक बीघे का ही मालिक बनाया। शेष जमीन दूसरे खातेदार के नाम चढ़ा दी।
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तहसीलवार अंश निर्धारण की यह है प्रगति
तहसील- कुल गाटा- अंश निर्धारण गाटा- शेष
सदर-364719-291947-72772
हसनगंज-486356-429992-56364
पुरवा-297432-266074-31358
बीघापुर-203999-177381-26618
बांगरमऊ-222490-207153-15337
सफीपुर-147117-133696-13421
कुल-1722113 -1506243-215870
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अंश निर्धारण प्रक्रिया गाटा संख्या के आधार पर 87 प्रतिशत पूरी कर ली गई है। शेष जो बचे हैं वह बड़े और चकबंदी से जुड़े गांव हैं। वहां भी जल्द काम पूरा कराया जाएगा। वहीं, जहां पर गलत अंश निर्धारण किया जा रहा है, वहां की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
- गौरांग राठी, डीएम।
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अभी तक तहसील से जारी होने वाली खतौनी में कई लोगों का नाम तो होते हैं लेकिन इसमें किसकी कितनी जमीन है, इसका उल्लेख नहीं होता है। ऐसे में कई बार वरासत भी गलत हो जाती है। इसमें ही अंश निर्धारण के जरिए सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई है। मार्च 2024 से प्रक्रिया शुरू हुई और करीब आठ बीत बीतने वाले हैं लेकिन जिले की छह तहसीलों में किसी में भी काम पूरा नहीं हो सका है। खतौनी में अंश निर्धारण न होने की वजह से राजस्व मुकदमों की हजारों फाइलें तहसील न्यायालयों में लंबित हैं। इसके अलावा जमीन की खरीद बिक्री को लेकर दाखिल खारिज नहीं हो रहा है।
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इसके आदेश भी ऑनलाइन नहीं चढ़ पा रहे हैं। इन आदेशों की संख्या भी हजारों में है। वहीं दूसरी ओर जिन गांवों में काम पूरा हो गया है, उनमें राजस्व कर्मियों ने जल्दबाजी में गलत रकबा चढ़ा दिया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जहां शासन की अंश निर्धारण प्रक्रिया से गांवों में जमीन विवाद खत्म करने की योजना थी, वहीं, कर्मियों के काम में बरती जा रही लापरवाही और खानापूरी से स्थिति और खराब होने लगी है।
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केस-एक
हसनगंज बीबीपुर चिरियारी की मिश्री देवी ने बताया कि गाटा संख्या 898 में पौने नौ बिस्वा जमीन थी लेकिन लेखपाल ने गलत अंश निर्धारण कर मात्र एक बिस्वा ही जमीन चढ़ाई। अब वह सही कराने के लिए तहसील की दौड़ लगा रही है। एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर अंश निर्धारण सही कराने की गुहार लगाई है।
केस-दो
शिवदर्शनखेड़ा मजरा रानीपुर निवासी रामभजन ने बताया कि गाटा संख्या 154 का रकबा करीब पौने पांच बीघे का है, जिसमें दो सह खातेदार हैं। करीब ढाई बीघा जमीन एक के हिस्से में है लेकिन लेखपाल ने अंश निर्धारण गलत दर्ज कर मात्र एक बीघे का ही मालिक बनाया। शेष जमीन दूसरे खातेदार के नाम चढ़ा दी।
तहसीलवार अंश निर्धारण की यह है प्रगति
तहसील- कुल गाटा- अंश निर्धारण गाटा- शेष
सदर-364719-291947-72772
हसनगंज-486356-429992-56364
पुरवा-297432-266074-31358
बीघापुर-203999-177381-26618
बांगरमऊ-222490-207153-15337
सफीपुर-147117-133696-13421
कुल-1722113 -1506243-215870
अंश निर्धारण प्रक्रिया गाटा संख्या के आधार पर 87 प्रतिशत पूरी कर ली गई है। शेष जो बचे हैं वह बड़े और चकबंदी से जुड़े गांव हैं। वहां भी जल्द काम पूरा कराया जाएगा। वहीं, जहां पर गलत अंश निर्धारण किया जा रहा है, वहां की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
- गौरांग राठी, डीएम।