उन्नाव/सफीपुर। लंबी दूरी की बसों में नियमों का पालन न करने से हादसे हो रहे हैं। हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ट्रैवल एजेंसी की आड़ में अवैध बस अड्डे संचालित हो रहे हैं। दूसरे प्रदेशों में पंजीकृत इन स्लीपर और एसी बसों में ज्यादातर को मॉडिफाई कराकर अतिरिक्त सीटें लगा ली जाती हैं। डिकी को भी बड़ा करके माल ढुलाई होती है। लंबी दूरी की बसों में एक ही चालक होने से उसकी थकान और झपकी मुसाफिरों के लिए मुसीबत बनती है। कई हादसों में बसों के अनफिट होने के खुलासे भी हुए हैं। आसीवन क्षेत्र के मियागंज चौराहे से चंडीगढ़, लुधियाना, पंजाब, कुरुक्षेत्र, दिल्ली, सोनीपत, पानीपत के लिए ट्रैवल एजेंसी से दिन-रात बसें चलती हैं। इन बसों में बुकिंग कराने वाले यात्रियों की ओर से क्षमता से अधिक सवारियों को ले जाने की शिकायतें आम हैं।
कई बार तो यात्रियों ने हंगामा भी किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इन बसों में लगाई अतिरिक्त सीट भी देखी जा सकती है। सीएम के अवैध बस अड्डे न संचालित करने के आदेश का मखौल उड़ा रहा है।