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Unnao News: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 30 मीटर धंसा फुटपाथ
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किमी संख्या 48 पर सड़क पटरी की मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हर दिन कोई न कोई खामी सामने आ रही है। बृहस्पतिवार को लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 48 पर तौरा गांव के पास करीब 30 मीटर सड़क का फुटपाथ धंस गया। निर्माण एजेंसी ने इसकी मरम्मत कराई। सड़क पर जलभराव से निजात के लिए कार्यदायी संस्था पीएनसी डिवाइडर के कंक्रीट के बोल्डरों में छेद करा रही है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लगातार सामने आ रही खामियों ने एनएचएआई की साख को बट्टा लगाया है। 4200 करोड़ से बने 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे में हुए घालमेल पर पर्दा डालने के लिए लगातार 62 दिन से निर्माण एजेंसी पीएनसी मरम्मत करा रही है। खोखली साबित हो रही सड़क और जगहों पर न धंसे इसके लिए 55 दिन से भारी वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगी है। बावजूद इसके रोज कहीं न कहीं सड़क और स्लैब टूट रही है।
कानपुर-लखनऊ के बीच बने 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे (एनई-6) का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। तब एनएचएआई ने दावा किया था कि इस पर वाहन 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकेंगे और कानपुर से लखनऊ के बीच की दो घंटे की दूरी 45 मिनट में ही तय होगी, लेकिन 14 जुलाई को यातायात शुरू होने के 12वें दिन से ही सड़क धंसने और टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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पिछले रविवार को लखनऊ में बंथरा के पास एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से की स्लैब दरक गई थी। बनी टोल प्लाजा से किसान पथ तक 10 किलोमीटर लेन को बंद कर मरम्मत हो ही पाई थी कि बुधवार को लखनऊ में ही आजाद विहार कॉलोनी के पास स्लैब से पानी टपकने लगा था। बुधवार को हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 48 पर तौरा गांव के पास 30 मीटर दायरे में सड़क की साइड पटरी धंस गई। निर्माण एजेंसी ने इसकी मरम्मत कराई। सड़क पर जगह-जगह जलभराव से निजात के लिए पीएनसी ने डिवाइडर के बोल्डरों में छेद करने का काम शुरू किया है, ताकि पानी ढाल की तरफ से बहकर निकल जाए।
आईआईटी की रिपोर्ट का इंतजार
एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई को उन्नाव के बेहटा गांव के पास किमी संख्या 64 के पास करीब 200 मीटर सड़क धंसने के बाद एनएचएआई ने 28 जुलाई से आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम से विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कराई थी। करीब 20 दिन तक लगातार चली जांच के बाद एक महीने बाद भी एनएचएआई के अधिकारी जांच रिपोर्ट न मिलने की बात कह रहे हैं।
दो पीडी, तीन इंजीनियर के बाद आरओ भी नपे
एक्सप्रेसवे में मानकों की अनदेखी और तमाम तरह के आरोप लगने के बाद एनएचएआई तीन और निर्माण एजेंसी, पीएनसी के तीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद अब लखनऊ के आरओ गौतम विशाल का भी तबादला जम्मू कर दिया है। मालूम हो कि खामियां उजागर होने पर एनएचएआई के केंद्रीय अधिकारियों ने लखनऊ के तत्कालीन पीडी नकुल प्रकाश वर्मा को मुख्यालय अटैच कर दिया। पूर्व में तैनात रहे पीडी सौरभ चौरसिया भी जांच के दायरे में आ गए। साथ ही निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, अभियंता सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटाते हुए दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। अब एलिवेटेड हिस्से में भी खामियां मिलने के बाद आरओ गौतम विशाल को भी लखनऊ से जम्मू भेज दिया गया है। निर्माण एजेंसी को भी तीन साल के प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वर्जन...
कुछ स्थानों पर खामियां आईं हैं। एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह कमी मिली है। सुधार कराया जा रहा है। यातायात सामान्य है और रोज करीब 15 हजार वाहन निकल रहे हैं। आईआईटी की जांच रिपोर्ट मिलने और उसमें सामने लाई गईं खामियों और सुधार के सुझावों के आधार पर काम कराए जाएंगे। इसी महीने रिपोर्ट आने की उम्मीद है। अक्तूबर में सभी जरूरी सुधार के काम कराए जाएंगे।-नवरतन, पीडी एनएचएआई।
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लगातार सामने आ रही खामियों ने एनएचएआई की साख को बट्टा लगाया है। 4200 करोड़ से बने 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे में हुए घालमेल पर पर्दा डालने के लिए लगातार 62 दिन से निर्माण एजेंसी पीएनसी मरम्मत करा रही है। खोखली साबित हो रही सड़क और जगहों पर न धंसे इसके लिए 55 दिन से भारी वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगी है। बावजूद इसके रोज कहीं न कहीं सड़क और स्लैब टूट रही है।
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कानपुर-लखनऊ के बीच बने 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे (एनई-6) का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। तब एनएचएआई ने दावा किया था कि इस पर वाहन 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकेंगे और कानपुर से लखनऊ के बीच की दो घंटे की दूरी 45 मिनट में ही तय होगी, लेकिन 14 जुलाई को यातायात शुरू होने के 12वें दिन से ही सड़क धंसने और टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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पिछले रविवार को लखनऊ में बंथरा के पास एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से की स्लैब दरक गई थी। बनी टोल प्लाजा से किसान पथ तक 10 किलोमीटर लेन को बंद कर मरम्मत हो ही पाई थी कि बुधवार को लखनऊ में ही आजाद विहार कॉलोनी के पास स्लैब से पानी टपकने लगा था। बुधवार को हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार को लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 48 पर तौरा गांव के पास 30 मीटर दायरे में सड़क की साइड पटरी धंस गई। निर्माण एजेंसी ने इसकी मरम्मत कराई। सड़क पर जगह-जगह जलभराव से निजात के लिए पीएनसी ने डिवाइडर के बोल्डरों में छेद करने का काम शुरू किया है, ताकि पानी ढाल की तरफ से बहकर निकल जाए।
आईआईटी की रिपोर्ट का इंतजार
एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई को उन्नाव के बेहटा गांव के पास किमी संख्या 64 के पास करीब 200 मीटर सड़क धंसने के बाद एनएचएआई ने 28 जुलाई से आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम से विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कराई थी। करीब 20 दिन तक लगातार चली जांच के बाद एक महीने बाद भी एनएचएआई के अधिकारी जांच रिपोर्ट न मिलने की बात कह रहे हैं।
दो पीडी, तीन इंजीनियर के बाद आरओ भी नपे
एक्सप्रेसवे में मानकों की अनदेखी और तमाम तरह के आरोप लगने के बाद एनएचएआई तीन और निर्माण एजेंसी, पीएनसी के तीन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद अब लखनऊ के आरओ गौतम विशाल का भी तबादला जम्मू कर दिया है। मालूम हो कि खामियां उजागर होने पर एनएचएआई के केंद्रीय अधिकारियों ने लखनऊ के तत्कालीन पीडी नकुल प्रकाश वर्मा को मुख्यालय अटैच कर दिया। पूर्व में तैनात रहे पीडी सौरभ चौरसिया भी जांच के दायरे में आ गए। साथ ही निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, अभियंता सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को हटाते हुए दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। अब एलिवेटेड हिस्से में भी खामियां मिलने के बाद आरओ गौतम विशाल को भी लखनऊ से जम्मू भेज दिया गया है। निर्माण एजेंसी को भी तीन साल के प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वर्जन...
कुछ स्थानों पर खामियां आईं हैं। एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह कमी मिली है। सुधार कराया जा रहा है। यातायात सामान्य है और रोज करीब 15 हजार वाहन निकल रहे हैं। आईआईटी की जांच रिपोर्ट मिलने और उसमें सामने लाई गईं खामियों और सुधार के सुझावों के आधार पर काम कराए जाएंगे। इसी महीने रिपोर्ट आने की उम्मीद है। अक्तूबर में सभी जरूरी सुधार के काम कराए जाएंगे।-नवरतन, पीडी एनएचएआई।

किमी संख्या 48 पर सड़क पटरी की मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद