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आय से अधिक संपत्ति में फंसे उन्नाव के पूर्व डीपीआरओ
अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 01 Dec 2017 12:12 AM IST
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जांच
- फोटो : demopic
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पूर्व पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) संजय बर्नवाल आय से अधिक संपत्ति के आरोप से घिर गए हैं। शासन ने उनके खिलाफ आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू) को जांच सौंप दी है। जांच अधिकारी ने बृहस्पतिवार को उन्नाव के डीएम व सीडीओ को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। संजय बर्नवाल मौजूदा समय में लखनऊ में पंचायतीराज उपनिदेशक पद पर तैनात हैं।
संजय बर्नवाल ने 13 अगस्त 2012 को जिला पंचायतराज अधिकारी के रूप में उन्नाव में पदभार संभाला था। 31 मई 2015 को उनका स्थानांतरण हो गया। आरोप है कि उन्होंने मनरेगा के धन से दो करोड़ 72 लाख का एक प्लाट लखनऊ में गोमती नगर के वैभव खंड में खरीदा है। इस प्लाट में 20 अक्तूबर 2012 से निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा गौतम बुद्ध मार्ग पर एक फ्लैट और लाखों रुपये एक ज्वैलर्स के यहां निवेश किया है। शासन ने इन्हीं आरोपों की जांच का काम ईओडब्लू को सौंपा है।
ईओडब्लू की निरीक्षक डॉ. विजयलक्ष्मी पांडेय ने डीएम व सीडीओ को भेजे पत्र में इन आरोपों की जानकारी दी है। यह भी बताया है कि जांच के संबंध में संजय बर्नवाल को पत्र भेजा गया और फोन से भी बात की गई। उनकी ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। निरीक्षक ने उन्हें आखिरी मौका देते हुए आय-व्यय से संबंधित संपूर्ण सूचना व अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने को कहा है। चेतावनी दी है कि इस बार अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो उनकी संपत्ति का आगणन पीडब्ल्यूडी से कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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संजय बर्नवाल ने 13 अगस्त 2012 को जिला पंचायतराज अधिकारी के रूप में उन्नाव में पदभार संभाला था। 31 मई 2015 को उनका स्थानांतरण हो गया। आरोप है कि उन्होंने मनरेगा के धन से दो करोड़ 72 लाख का एक प्लाट लखनऊ में गोमती नगर के वैभव खंड में खरीदा है। इस प्लाट में 20 अक्तूबर 2012 से निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा गौतम बुद्ध मार्ग पर एक फ्लैट और लाखों रुपये एक ज्वैलर्स के यहां निवेश किया है। शासन ने इन्हीं आरोपों की जांच का काम ईओडब्लू को सौंपा है।
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ईओडब्लू की निरीक्षक डॉ. विजयलक्ष्मी पांडेय ने डीएम व सीडीओ को भेजे पत्र में इन आरोपों की जानकारी दी है। यह भी बताया है कि जांच के संबंध में संजय बर्नवाल को पत्र भेजा गया और फोन से भी बात की गई। उनकी ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। निरीक्षक ने उन्हें आखिरी मौका देते हुए आय-व्यय से संबंधित संपूर्ण सूचना व अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने को कहा है। चेतावनी दी है कि इस बार अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए तो उनकी संपत्ति का आगणन पीडब्ल्यूडी से कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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