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मयंक हत्याकांड का खुलासा, रंजिश में हुई थी हत्या
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नवाबगंज। अजगैन थानाक्षेत्र के केवाना में एक माह पूर्व हुए मयंक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार गांव के ही पिता पुत्र ने रंजिश में नौकर की मदद से मयंक की हत्या की थी। घटनास्थल पर मिली घड़ी आरोपी युवक की थी। कई सालों से चले आ रहे विवाद की वजह से पिता पुत्र ने हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था।
अजगैन के केवाना निवासी मयंक (15) पुत्र संतू का शव 31 दिसंबर की सुबह गांव से तीन सौ मीटर दूर खेत में मिला था। मयंक की मां नीलम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। एक सप्ताह तक पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की लेकिन वह घटना का खुलासा नहीं कर सकी। इस बीच संतू ने गांव के ही पिता पुत्र पर बेटे की हत्या का शक जताया था। परिजनों ने खुलासा न होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी। शनिवार रात पुलिस ने केवाना निवासी शिवशंकर, उसके बेटे रजनीश व नौकरी राधेलाल को गिरफ्तार कर लिया। एसएसआई वीरपाल सिंह ने बताया कि शिवशंकर का संतू से कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। जिसकी वजह से उसने 30 दिसंबर की सुबह मयंक की गला दबाकर हत्या की थी। घटनास्थल से मिली घड़ी भी शिवशंकर की थी। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
इंस्पेक्टर बनना चाहता था मयंक
केवाना निवासी मयंक पढ़ाई में होशियार था। वह इंस्पेक्टर बनना चाहता था। इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी थी। घटना वाले दिन वह घर से दौड़ने के लिए निकला था। तभी खेत में उसकी हत्या कर दी गई। पूछताछ में शिवशंकर ने बताया कि वह मयंक से चिढ़ता था। उसके पुलिस में भर्ती होने की बात ने उसे परेशान कर दिया था। इसकी वजह से उसने मयंक की हत्या कर दी।
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अजगैन के केवाना निवासी मयंक (15) पुत्र संतू का शव 31 दिसंबर की सुबह गांव से तीन सौ मीटर दूर खेत में मिला था। मयंक की मां नीलम ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। एक सप्ताह तक पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की लेकिन वह घटना का खुलासा नहीं कर सकी। इस बीच संतू ने गांव के ही पिता पुत्र पर बेटे की हत्या का शक जताया था। परिजनों ने खुलासा न होने पर आत्मदाह की धमकी दी थी। शनिवार रात पुलिस ने केवाना निवासी शिवशंकर, उसके बेटे रजनीश व नौकरी राधेलाल को गिरफ्तार कर लिया। एसएसआई वीरपाल सिंह ने बताया कि शिवशंकर का संतू से कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। जिसकी वजह से उसने 30 दिसंबर की सुबह मयंक की गला दबाकर हत्या की थी। घटनास्थल से मिली घड़ी भी शिवशंकर की थी। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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इंस्पेक्टर बनना चाहता था मयंक
केवाना निवासी मयंक पढ़ाई में होशियार था। वह इंस्पेक्टर बनना चाहता था। इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी थी। घटना वाले दिन वह घर से दौड़ने के लिए निकला था। तभी खेत में उसकी हत्या कर दी गई। पूछताछ में शिवशंकर ने बताया कि वह मयंक से चिढ़ता था। उसके पुलिस में भर्ती होने की बात ने उसे परेशान कर दिया था। इसकी वजह से उसने मयंक की हत्या कर दी।
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