{"_id":"5f7b2df58ebc3e9bc4244fee","slug":"civic-unnao-news-knp586616370","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों को आवास व आवासीय भूमि का मिलेगा मालिकाना हक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों को आवास व आवासीय भूमि का मिलेगा मालिकाना हक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। ग्रामीणों को आवास व आवासीय भूमि के मालिकाना हक का प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले चरण में सर्वे के लिए हर ब्लाक से 10-10 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। ड्रोन कैमरों से ग्राम पंचायतों में बने मकानों व आवासीय क्षेत्र की भूमि का सर्वे शुरू किया गया है।
वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों की सरकारी और कृषि से संबंधित भूमि का ही ब्योरा शासन और प्रशासन के पास उपलब्ध है। गांव में बने घरों व आवासीय भूमि के अभिलेख अभी तक नहीं बने हैं। इससे आए दिन गांवों में सहन व आवासीय भूमि को लेकर विवाद व झगड़े होते रहते हैं। कभी-कभी यह झगड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आवास व आवासीय भूमि के अभिलेख तैयार कराने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है।
इस योजना के तहत गांव पंचायत के मकानों व आवासीय भूमि का सर्वे कराकर अभिलेख तैयार कराने और ग्रामीणों को मालिकाना हक देने की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक से 10-10 ग्राम पंचायतों का चयन करके ड्रोन कैमरे से आबादी का सर्वे कराने की योजना तैयार की गई है। सर्वे के दौरान आबादी भूमि की मैपिंग भी कराई जाएगी। मैपिंग के साथ ही विवादित संपत्तियों पर किए गए दावों और आपत्तियों का निस्तारण होगा। सर्वे से पहले लेखपाल व पंचायत सचिव चूना डालकर आबादी भूमि का चिह्नाकंन करेंगे। हवाई सर्वे के बाद गांव की आबादी क्षेत्र का नक्शा तैयार किया जाएगा। इसके बाद मालिकाना हक साबित करने वाले ग्रामीणों को उस संपत्ति से संबंधित अभिलेख दिए जाएंगे। ग्रामीणों को पूरे कागजी प्रमाण भी दिए जाएंगे।
विज्ञापन
पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक से 10-10 गांवों का चयन किया गया है। सर्वे की जिम्मेदारी लेखपाल व पंचायत सचिव को दी गई है।
-राजेंद्र प्रसाद यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी
विज्ञापन
वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों की सरकारी और कृषि से संबंधित भूमि का ही ब्योरा शासन और प्रशासन के पास उपलब्ध है। गांव में बने घरों व आवासीय भूमि के अभिलेख अभी तक नहीं बने हैं। इससे आए दिन गांवों में सहन व आवासीय भूमि को लेकर विवाद व झगड़े होते रहते हैं। कभी-कभी यह झगड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आवास व आवासीय भूमि के अभिलेख तैयार कराने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है।
विज्ञापन
इस योजना के तहत गांव पंचायत के मकानों व आवासीय भूमि का सर्वे कराकर अभिलेख तैयार कराने और ग्रामीणों को मालिकाना हक देने की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक से 10-10 ग्राम पंचायतों का चयन करके ड्रोन कैमरे से आबादी का सर्वे कराने की योजना तैयार की गई है। सर्वे के दौरान आबादी भूमि की मैपिंग भी कराई जाएगी। मैपिंग के साथ ही विवादित संपत्तियों पर किए गए दावों और आपत्तियों का निस्तारण होगा। सर्वे से पहले लेखपाल व पंचायत सचिव चूना डालकर आबादी भूमि का चिह्नाकंन करेंगे। हवाई सर्वे के बाद गांव की आबादी क्षेत्र का नक्शा तैयार किया जाएगा। इसके बाद मालिकाना हक साबित करने वाले ग्रामीणों को उस संपत्ति से संबंधित अभिलेख दिए जाएंगे। ग्रामीणों को पूरे कागजी प्रमाण भी दिए जाएंगे।
विज्ञापन
पहले चरण में प्रत्येक ब्लाक से 10-10 गांवों का चयन किया गया है। सर्वे की जिम्मेदारी लेखपाल व पंचायत सचिव को दी गई है।
-राजेंद्र प्रसाद यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी