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कृषि विधेयक के विरोध में कांग्रेस, सपा, किसान यूनियन का प्रदर्शन
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हरदोई पुल पर पुतला फूकते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। सपा, कांग्रेस, किसान यूनियन ने कृषि विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने उपवास रखकर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। सपाइयों ने पैदल मार्च निकालकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। किसान यूनियन ने पंचायत कर विधेयक का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कलक्ट्रेट समेत सभी तहसीलों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। डीएम और एसपी लगातार भ्रमण कर जायजा लेते रहे।
जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए लाल बहादुर शास्त्री पार्क पहुंचे और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद शास्त्री प्रतिमा के सामने बैठकर उपवास शुरू कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि विधेयक काला कानून है। इसे वापस लिया जाए। यह आंदोलन दो अक्तूबर तक चलता रहेगा। उपाध्यक्ष जावेद कमाल, यतींद्र सिंह पटेल, महासचिव डा. सुरेश यादव, अनुराग सिंह, सरोज भारती एडवोकेट, राजीव रतन राजवंशी, अरुण कुशवाहा, चंदा बेगम, शहर बानो मौजूद रहीं। दो घंटे का उपवास रखने के बाद कांग्रेसियों ने कार्यालय में बैठक कर 28 अक्तूबर को लखनऊ परिवर्तन चौक में होने वाले किसान आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में सपाई पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में किसान एवं श्रमिक विरोधी विधेयक का विरोध करते हुए वापस लिए जाने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों की नीतियों से किसान और श्रमिकों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि यदि समय रहते कृषि और श्रमिक कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश में खेती बर्बाद हो जाएगी। श्रमिक बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे। किसानों के संबंध में भाजपा सरकारों का रवैया अन्यायपूर्ण है। इस दौरान पूर्व मंत्री सुधीर रावत, बदलू खां, उदयराज यादव मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रवादी) के जिलाध्यक्ष राम करन सिंह की अगुवाई में निराला प्रेक्षागृह में किसान पंचायत की गई। इसमें प्रदेश प्रवक्ता अशोक तिवारी, लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष बीर बहादुर सिंह, सुरेश कुमार मिश्रा ने कहा कि कृषि विधेयक में किसान सुरक्षा की कोई बात नहीं की गई है। इसलिए संशोधन किया जाए। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट जाकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। सफीपुर में भी किसान यूनियन की बैठक पशुचिकित्सालय परिसर में हुई। इसके बाद पदाधिकारियों ने उन्नाव-हरदोई मार्ग पर शासन विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
फिर तहसील परिसर के सामने मार्ग पर ही बैठ गए। एसडीएम राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और जिलाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। पुरवा में भाकियू टिकैत गुट ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील अध्यक्ष राम अधीन, रूपनारायन, भोला, मेघा, हरिनाम सिंह, राकेश, आजाद, रमेश व परसाद आदि मौजूद रहे। बांगरमऊ में भाकियू महासचिव ठाकुर प्रसाद यादव के नेतृत्व में तहसील परिसर में एक गोष्ठी हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दिनेश कुमार को सौंपा।
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जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए लाल बहादुर शास्त्री पार्क पहुंचे और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद शास्त्री प्रतिमा के सामने बैठकर उपवास शुरू कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कृषि विधेयक काला कानून है। इसे वापस लिया जाए। यह आंदोलन दो अक्तूबर तक चलता रहेगा। उपाध्यक्ष जावेद कमाल, यतींद्र सिंह पटेल, महासचिव डा. सुरेश यादव, अनुराग सिंह, सरोज भारती एडवोकेट, राजीव रतन राजवंशी, अरुण कुशवाहा, चंदा बेगम, शहर बानो मौजूद रहीं। दो घंटे का उपवास रखने के बाद कांग्रेसियों ने कार्यालय में बैठक कर 28 अक्तूबर को लखनऊ परिवर्तन चौक में होने वाले किसान आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
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सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में सपाई पार्टी कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में किसान एवं श्रमिक विरोधी विधेयक का विरोध करते हुए वापस लिए जाने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों की नीतियों से किसान और श्रमिकों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि यदि समय रहते कृषि और श्रमिक कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश में खेती बर्बाद हो जाएगी। श्रमिक बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएंगे। किसानों के संबंध में भाजपा सरकारों का रवैया अन्यायपूर्ण है। इस दौरान पूर्व मंत्री सुधीर रावत, बदलू खां, उदयराज यादव मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रवादी) के जिलाध्यक्ष राम करन सिंह की अगुवाई में निराला प्रेक्षागृह में किसान पंचायत की गई। इसमें प्रदेश प्रवक्ता अशोक तिवारी, लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष बीर बहादुर सिंह, सुरेश कुमार मिश्रा ने कहा कि कृषि विधेयक में किसान सुरक्षा की कोई बात नहीं की गई है। इसलिए संशोधन किया जाए। किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट जाकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। सफीपुर में भी किसान यूनियन की बैठक पशुचिकित्सालय परिसर में हुई। इसके बाद पदाधिकारियों ने उन्नाव-हरदोई मार्ग पर शासन विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
फिर तहसील परिसर के सामने मार्ग पर ही बैठ गए। एसडीएम राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और जिलाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। पुरवा में भाकियू टिकैत गुट ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील अध्यक्ष राम अधीन, रूपनारायन, भोला, मेघा, हरिनाम सिंह, राकेश, आजाद, रमेश व परसाद आदि मौजूद रहे। बांगरमऊ में भाकियू महासचिव ठाकुर प्रसाद यादव के नेतृत्व में तहसील परिसर में एक गोष्ठी हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम दिनेश कुमार को सौंपा।