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स्वामी ओम ने डीएम से मांगा जवाब
Unnao
Updated Sun, 01 Dec 2013 05:43 AM IST
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भगवंतनगर (उन्नाव)। संत शोभन सरकार के शिष्य स्वामी ओम ने शनिवार को डीएम से सूचना के अधिकार के तहत तीन सवालों के जवाब मांगे हैं।
डीएम को दिए आवेदन में ओम ने कहा कि संत शोभन सरकार ने तीन सितंबर को उनके माध्यम से डौंडिया खेड़ा, संग्रामपुर में राजा राव राम बक्स सिंह के किले में भूगर्भ में रक्षित स्वर्णकोष/खजाना उपलब्ध होने की जानकारी दी थी। तीन और चार अक्टूबर 13 को जीएसआई ने इस स्थल की जांच की और पांच से 20 मीटर की गहराई में अचुंबकीय धातु होने की पुष्टि की थी। इस सर्वेक्षण के आधार पर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने एएसआई से खनन कराने का निर्णय लिया था। 18 अक्टूबर से खनन की शुरुआत हुई थी। 9 अक्टूबर 13 को उन्होंने (स्वामी ओम) ने डीएम को पत्र लिखकर कहा था कि एएसआई एक्ट के तहत होने वाली इस खुदाई से भूगर्भ में रक्षित कोष मिलने की कोई गारंटी नहीं है। अत: खनन का कार्य इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट के तहत कराया जाए।
निमिभनलिखत हें तीन सवाल
1- एएसआई द्वारा जो खनन कार्य प्रारंभ किया गया था वह जीएसआई द्वारा सर्वेक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट के वैज्ञानिक आधार पर हुआ था अथवा एएसआई की वर्षों पूर्व से चल रही रूटीन कार्रवाई के अंतर्गत किया गया था।
2- एएसआई ने खनन बंद करने के लिए क्या आधार बताया था। अब उपरोक्त स्थल एएसआई द्वारा संरक्षित है या नहीं।
3- नौ अक्टूबर 13 को मेरे द्वारा प्रस्तुत पत्र पर प्रशासन/शासन द्वारा अद्यतन कृत कार्रवाई से अवगत कराने का कष्ट करें।
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डीएम को दिए आवेदन में ओम ने कहा कि संत शोभन सरकार ने तीन सितंबर को उनके माध्यम से डौंडिया खेड़ा, संग्रामपुर में राजा राव राम बक्स सिंह के किले में भूगर्भ में रक्षित स्वर्णकोष/खजाना उपलब्ध होने की जानकारी दी थी। तीन और चार अक्टूबर 13 को जीएसआई ने इस स्थल की जांच की और पांच से 20 मीटर की गहराई में अचुंबकीय धातु होने की पुष्टि की थी। इस सर्वेक्षण के आधार पर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने एएसआई से खनन कराने का निर्णय लिया था। 18 अक्टूबर से खनन की शुरुआत हुई थी। 9 अक्टूबर 13 को उन्होंने (स्वामी ओम) ने डीएम को पत्र लिखकर कहा था कि एएसआई एक्ट के तहत होने वाली इस खुदाई से भूगर्भ में रक्षित कोष मिलने की कोई गारंटी नहीं है। अत: खनन का कार्य इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट के तहत कराया जाए।
निमिभनलिखत हें तीन सवाल
1- एएसआई द्वारा जो खनन कार्य प्रारंभ किया गया था वह जीएसआई द्वारा सर्वेक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट के वैज्ञानिक आधार पर हुआ था अथवा एएसआई की वर्षों पूर्व से चल रही रूटीन कार्रवाई के अंतर्गत किया गया था।
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2- एएसआई ने खनन बंद करने के लिए क्या आधार बताया था। अब उपरोक्त स्थल एएसआई द्वारा संरक्षित है या नहीं।
3- नौ अक्टूबर 13 को मेरे द्वारा प्रस्तुत पत्र पर प्रशासन/शासन द्वारा अद्यतन कृत कार्रवाई से अवगत कराने का कष्ट करें।